मिडिल ईस्ट तनाव का भारतीय शेयर बाजार पर वार, सेंसेक्स-निफ्टी 1% से ज्यादा गिरे

मिडिल ईस्ट तनाव का भारतीय शेयर बाजार पर वार, सेंसेक्स-निफ्टी 1% से ज्यादा गिरे

नई दिल्लीः- मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और अमेरिका–इजरायल–ईरान के बीच जारी संघर्ष का असर सोमवार को भारतीय शेयर बाजार पर साफ तौर पर दिखाई दिया। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन बाजार बड़ी गिरावट के साथ खुला।

सेंसेक्स 1000 अंक से ज्यादा टूटा, निफ्टी भी फिसलाः-

30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स (BSE Sensex) करीब 1000 अंकों की गिरावट के साथ खुला, जबकि एनएसई निफ्टी (NSE Nifty) ने भी लगभग 300 अंकों की कमजोरी के साथ कारोबार की शुरुआत की।

सुबह करीब 9:25 बजे सेंसेक्स 1043.10 अंक (1.28 प्रतिशत) गिरकर 80,244.09 पर कारोबार कर रहा था। वहीं निफ्टी 309.70 अंक (1.23 प्रतिशत) टूटकर 24,868.95 पर पहुंच गया। निफ्टी के सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते नजर आए। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से केवल बीईएल को छोड़कर सभी शेयर गिरावट में थे।

व्यापक बाजारों में भी कमजोरीः-

गौरतलब है कि बेंचमार्क सूचकांकों के मुकाबले व्यापक बाजारों में और अधिक दबाव देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप 100 1.86 प्रतिशत की गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे।

वहीं अगर हम सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी रियल्टी (Nifty Realty) सबसे ज्यादा 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट के साथ नीचे गिरा। इसके बाद निफ्टी मीडिया(Nifty Media) में भी तेज गिरावट दर्ज की गई। वहीं निफ्टी मेटल (Nifty Metal) में अपेक्षाकृत कम गिरावट देखी गई और यह खुलते समय बेहतर प्रदर्शन करने वाला सूचकांक रहा।

भू-राजनीतिक तनाव का असरः-

समाचार एजेंसियों की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका–इजराइल के संयुक्त सैन्य अभियान में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई समेत कई शीर्ष अधिकारियों के मारे जाने की खबर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की जवाबी कार्रवाई में जान गंवाने वाले अमेरिकी सैनिकों का बदला लेने की कसम खाई है, जिससे संघर्ष के और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।

इस भू-राजनीतिक अनिश्चितता का असर वैश्विक बाजारों के साथ-साथ घरेलू बाजारों पर भी पड़ा है। जहां इक्विटी बाजारों में तेज गिरावट दर्ज की गई, वहीं सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं में निवेशकों की मांग बढ़ने से उछाल देखने को मिला।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैश्विक अनिश्चितता और बढ़ती अस्थिरता के माहौल में निवेशकों को अनुशासित रणनीति अपनानी चाहिए। गिरावट के दौरान मजबूत बुनियादी स्थिति वाले शेयरों पर फोकस करना बेहतर रहेगा। निफ्टी में 25,800 के ऊपर टिकाऊ ब्रेकआउट के बाद ही नई लंबी पोजीशन लेने पर विचार करना चाहिए, जिससे बाजार में मजबूती के संकेत मिल सकते हैं।

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