बिहार, May 7, ( Political Insight): पटना के गांधी मैदान में बिहार सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार का भव्य आयोजन किया गया, जहां एनडीए नीत गठबंधन के 32 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इस मौके पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। राज्यपाल सैयद अता हसनैन ने ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित समारोह में सभी नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पटना में रोड शो भी किया, जिसमें बड़ी संख्या में समर्थक शामिल हुए।
मंत्रिमंडल का स्वरूप
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई कैबिनेट में भारतीय जनता पार्टी के 15, जनता दल (यूनाइटेड) के 13, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के एक-एक तथा लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के दो विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। शपथ लेने वालों में श्रवण कुमार, विजय कुमार सिन्हा, दिलीप जायसवाल, निशांत कुमार, लेशी सिंह, भगवान सिंह कुशवाहा, अरुण शंकर प्रसाद, मदन सहनी, संतोष सुमन और रमा निषाद सहित कई प्रमुख नाम शामिल हैं। इसके अलावा सुनील कुमार, श्रेयसी सिंह, मो. जमा खान, नंद किशोर प्रसाद और इंजीनियर शैलेंद्र के साथ-साथ और कई विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली।
राजद का तंज
इस मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर विपक्षी राष्ट्रीय जनता दल ने सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने आरोप लगाया कि शपथ ग्रहण समारोह के कारण पूरे पटना शहर में अव्यवस्था रही और आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ा। राजद ने इसे “जनहित से दूर और दिखावटी आयोजन” बताते हुए सरकार की आलोचना की है।
कुल मिलाकर, इस विस्तार के साथ बिहार की नई कैबिनेट का आकार तय हो गया है, लेकिन राजनीतिक बयानबाज़ी भी तेज हो गई है।
कामचोर और नाकारी सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के लिए पूरे पटना शहर को बंद कर दिया गया है!
जो 5 साल देश के सबसे गरीब राज्य की जनता को चूसकर अपना घर भरेंगे, वो सभी नाकारे भ्रष्ट “महाराज” शपथ ले रहे हैं और बेचारी “प्रजा”, जिसे बताया जाता है कि यह राजतंत्र नहीं उनका लोकतंत्र है, वह… pic.twitter.com/UF3TNRhsYq
— Rashtriya Janata Dal (@RJDforIndia) May 7, 2026