पश्चिम बंगाल, May 5, (Political Insight) : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 में उत्तर 24 परगना की पनिहाटी सीट इस बार सबसे चर्चित मुकाबलों में रही। इस सीट से रत्ना देबनाथ को भारतीय जनता पार्टी ने तृणमूल कांग्रेस के खिलाफ उम्मीदवार बनाया था, जिनकी पहचान आरजी कर केस की पीड़िता की मां के रूप में भी रही है।
पश्चिम बंगाल में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान हुआ, जबकि 4 मई को मतगणना संपन्न हुई। शुरुआती रुझानों में रत्ना देबनाथ बढ़त बनाए हुए थीं और अंतिम नतीजों में उन्होंने 87,977 वोट हासिल कर जीत दर्ज की। उनके मुकाबले तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार तीर्थंकर घोष को 59,141 वोट मिले। इस तरह देबनाथ ने 28,836 वोटों के बड़े अंतर से जीत हासिल की।
यह परिणाम कई मायनों में अहम माना जा रहा है। पनिहाटी सीट पिछले करीब 15 वर्षों से तृणमूल कांग्रेस का गढ़ रही थी, जहां इस बार सत्ता परिवर्तन हुआ। साथ ही, रत्ना देबनाथ की जीत को केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक मुद्दों-खासतौर पर महिला सुरक्षा और न्याय पर जनता की प्रतिक्रिया के रूप में भी देखा जा रहा है। हालांकि, पूरे चुनाव के दौरान रत्ना देबनाथ का मुख्य चुनावी मुद्दा महिलाओं की सुरक्षा और आरजी कर कांड में न्याय सुनिश्चित करना रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा टीएमसी सरकार में उन्हें न्याय नहीं मिला, इसलिए उन्होंने स्वयं राजनीति में आने का निर्णय लिया।
यह नतीजा इस बात का संकेत भी देता है कि बंगाल में भाजपा का प्रभाव बढ़ा और वह टीएमसी के मजबूत क्षेत्रों में भी सेंध लगाने में सफल रही है। कुल मिलाकर, पनिहाटी सीट पर यह जीत भाजपा के लिए प्रतीकात्मक और रणनीतिक दोनों ही दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।