कोलकत्ता, May 18, (Political Insight) : पश्चिम बंगाल में नई सरकार के गठन के बाद से राज्य में कई हिंसक घटनाएं सामने आ चुकी हैं और तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अवैध निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई और नए नियम लागू किए जाने के बाद से ही राज्य में लगातार विरोध-प्रदर्शन किए जा रहे हैं। वहीं, बुलडोजर कार्रवाई को लेकर तृणमूल कांग्रेस (TMC) लगातार सरकार पर हमलावर है।
TMC प्रमुख Mamata Banerjee ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर राज्य सरकार की कार्रवाई को “अहंकार की राजनीति” बताया। उन्होंने लिखा कि घरों से लेकर फेरीवालों तक, गरीब लोग राजनीतिक अहंकार की कीमत चुका रहे हैं। बंगाल में बुलडोजर की राजनीति नहीं चलती।
ममता बनर्जी ने कहा कि “टैगोर और नेताजी की धरती पर आम नागरिकों के खिलाफ भय, बल और विध्वंसकारी अभियानों के जरिए शासन नहीं किया जा सकता।” उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान हालात बंगाल के लोगों की गरिमा पर हमला हैं। उन्होंने कहा कि दिहाड़ी मजदूर, सड़क किनारे विक्रेता, छोटे दुकानदार और संघर्षरत परिवार, जिन्होंने मेहनत से अपना जीवन बनाया, आज सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं।
उन्होंने हावड़ा स्टेशन के आसपास चल रहे बड़े पैमाने के बेदखली अभियान, तिलजला और पार्क सर्कस क्षेत्रों में बढ़ते आक्रोश का भी उल्लेख किया। ममता ने कहा कि अचानक लोगों का बेघर होना और आजीविका छिन जाना ऐसी सरकार की तस्वीर पेश करता है, जो मानवता से ज्यादा दिखावे को महत्व देती है।
TMC प्रमुख ने कहा कि “जो सरकार पहले विध्वंस करती है और बाद में सुनती है, वह बंगाल की आत्मा को भूल चुकी है।” उन्होंने कहा कि किसी भी राज्य की वास्तविक प्रगति इस बात से तय होती है कि वह अपने सबसे कमजोर नागरिकों के साथ कैसा व्यवहार करता है, न कि इस बात से कि वह उन्हें कितनी जल्दी उजाड़ सकता है।
From homes to hawker stalls, the poor are paying the price of political arrogance. Bengal does not believe in bulldozer politics. The land of Tagore and Netaji cannot be ruled through fear, force, and demolition drives against ordinary citizens.
What we are witnessing today is…
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) May 17, 2026