असम, May 6, (Political Insight) : असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बुधवार को गुवाहाटी स्थित लोक भवन में राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य को अपना इस्तीफा सौंप दिया। यह कदम भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) की विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत के बाद उठाया गया। राज्यपाल ने उनसे नई सरकार के गठन तक कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में बने रहने को कहा है। वहीं, इस मुलाकात की जानकारी उन्होंनें सोशल मीडिया पर पोस्ट करके जानकारी दी।
इस्तीफा सौंपने के बाद सरमा ने कहा कि राज्यपाल ने उनका और उनके मंत्रिपरिषद का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है और नई सरकार के गठन तक उन्हें कार्यवाहक के रूप में काम जारी रखने की अनुमति दी है। उन्होंने पिछले पांच वर्षों में राज्यपाल के मार्गदर्शन के लिए आभार व्यक्त किया और संक्रमण काल में सहयोग जारी रखने की बात कही।
सरमा ने बताया कि पार्टी नेतृत्व ने जे.पी. नड्डा और नायब सिंह सैनी को केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया है, जो विधायक दल के नेता के चयन की प्रक्रिया की निगरानी करेंगे। उन्होंने कहा कि विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद ही नई सरकार गठन का दावा पेश किया जाएगा। साथ ही उन्होंने बताया कि शपथ ग्रहण समारोह 12 मई को होने की उम्मीद है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के शामिल होने की संभावना है।
इस बीच, एनडीए की सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) ने भी गुवाहाटी में अपनी विधायक दल की बैठक कर नेतृत्व तय किया। पार्टी अध्यक्ष अतुल बोरा को विधायक दल का नेता, केशव महंता को उपनेता और डॉ. तपन दास को सचिव नियुक्त किया गया। बैठक में सर्वसम्मति से हिमंता बिस्वा सरमा को मुख्यमंत्री पद के लिए समर्थन देने का प्रस्ताव भी पारित किया गया।