नई दिल्लीः– आज संसद में अपनी बात रखते हुए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि अमेरिका के साथ हुए द्विपक्षीय व्यापार समझौते में भारत अपने संवेदनशील क्षेत्रों, विशेष रूप से कृषि और दुग्ध क्षेत्र के हितों की रक्षा करने में सफल रहा है।
संसद को संबोधित करते हुए गोयल ने बताया कि फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के बाद भारत और अमेरिका के बीच एक संतुलित और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए नियमित बातचीत होती रही। उन्होंने कहा कि इस दौरान दोनों देशों के अपने-अपने संवेदनशील मुद्दे थे, लेकिन बातचीत के दौरान भारतीय पक्ष ने कृषि और दुग्ध क्षेत्र जैसे अहम क्षेत्रों के हितों को सुरक्षित रखा।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि करीब एक वर्ष तक चली बातचीत के बाद भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने में सफल रहे हैं। उन्होंने जानकारी दी कि 2 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर द्विपक्षीय और कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर चर्चा हुई थी। इसके बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिका को किए जाने वाले भारतीय निर्यात पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया।
गोयल ने कहा कि यह टैरिफ दर अमेरिका द्वारा कई प्रतिस्पर्धी देशों पर लगाए गए शुल्क से कम है, जिससे अमेरिकी बाजार में भारतीय उत्पादों की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता में उल्लेखनीय बढ़ोतरी होगी।
उन्होंने बताया कि इस व्यापार समझौते से MSME, उद्यमियों, कुशल श्रमिकों और उद्योगों के लिए नए अवसर खुलेंगे। साथ ही, इससे उन्नत तकनीकों तक पहुंच आसान होगी। उन्होंने कहा कि यह समझौता दुनिया के लिए “Made In India, Design In India” और Innovate In India ” के दृष्टिकोण को साकार करने में सहायक होगा।
पीयूष गोयल ने इसे भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया।
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