नई दिल्लीः- भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौते का विदेश मंत्री एस. जयशंकर समेत कई अन्य केंद्रीय नेताओं ने स्वागत किया है। नेताओं का कहना है कि इस समझौते से दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं को मजबूती मिलेगी, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और तकनीकी नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा।
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर कहा कि “प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच बातचीत के बाद द्विपक्षीय व्यापार पर हुई घोषणाओं का स्वागत है। इससे दोनों देशों की अर्थव्यवस्थाओं में ज्यादा नौकरियां पैदा होंगी, विकास को बढ़ावा मिलेगा और इनोवेशन बढ़ेगा। यह ‘मेक इन इंडिया’ की कोशिशों को मजबूत करेगा और भरोसेमंद टेक्नोलॉजी संबंधों को बढ़ावा देगा।”
विदेश मंत्री ने आगे कहा कि भारत-अमेरिका आर्थिक सहयोग में अवसर वास्तव में बहुत बड़े हैं और इन्हें हासिल करने को लेकर दोनों देशों को पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि मजबूत आर्थिक संबंध ही रणनीतिक साझेदारी की सबसे ठोस नींव होते हैं।
केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भी इस समझौते का स्वागत किया और प्रधानमंत्री मोदी तथा राष्ट्रपति ट्रंप के दूरदर्शी और निर्णायक नेतृत्व की सराहना की। उन्होंने कहा कि “मैं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का उनके दूरदर्शी और निर्णायक नेतृत्व व भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत करने की उनकी प्रतिबद्धता के लिए आभारी हूं। यह एक जैसी सोच वाले, निष्पक्ष व्यापार करने वाले दो लोकतंत्रों की साझा समृद्धि के लिए मिलकर काम करने की ताकत को दिखाता है।”
उन्होंने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “भारत और अमेरिका दोनों स्वाभाविक सहयोगी हैं। हमारी साझेदारी मिलकर टेक्नोलॉजी बनाएगी, मिलकर समाधान विकसित करेगी और भारत व अमेरिका के लिए शांति, विकास और एक उज्जवल भविष्य के लिए मिलकर काम करेगी।”
पीयूष गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका स्वाभाविक सहयोगी हैं। यह साझेदारी मिलकर तकनीक विकसित करेगी, समाधान तैयार करेगी और दोनों देशों के लिए शांति, विकास और उज्ज्वल भविष्य की दिशा में काम करेगी। उन्होंने कहा कि यह समझौता किसानों, MSME, उद्यमियों और कुशल श्रमिकों के लिए ‘मेक इन इंडिया’, ‘डिजाइन इन इंडिया’ और ‘इनोवेट इन इंडिया’ के तहत वैश्विक अवसरों के नए द्वार खोलेगा।
उन्होंने इसे केवल व्यापार समझौता नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक मोड़ बताया, जो भारत-अमेरिका संबंधों को नया आकार देगा और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य की ओर देश की यात्रा को तेज करेगा।
रेलवे, सूचना एवं प्रसारण, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत और अमेरिका दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र हैं और स्वाभाविक साझेदार हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों की ताकतें एक-दूसरे की पूरक हैं और मिलकर ऐसी तकनीक और समाधान विकसित किए जा सकते हैं, जिनसे पूरी दुनिया को लाभ होगा।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील एक “विन-विन” समझौता है, जिससे दोनों देशों के नागरिकों और उद्योगों का भविष्य उज्ज्वल होगा।
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