नई दिल्ली, 6, जून (Political Insight) : प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत के रामसर स्थलों की संख्या 100 तक पहुंचने पर खुशी जताई है। उन्होंने इसे देश की पर्यावरण संरक्षण के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में स्थित जय प्रकाश नारायण पक्षी अभयारण्य (सुरहा ताल) को भारत का 100वां रामसर स्थल घोषित किया गया है। यह एक महत्वपूर्ण आर्द्रभूमि (वेटलैंड) है, जो अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संरक्षित क्षेत्रों की सूची में शामिल हो गई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सुरहा ताल पक्षी विविधता के लिए अत्यंत समृद्ध क्षेत्र है। यहां बड़ी संख्या में प्रवासी और स्थानीय पक्षी पाए जाते हैं, जो इस क्षेत्र को और भी खास बनाते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि भारत में आर्द्रभूमियों के संरक्षण और पुनरुद्धार के प्रयास पिछले कुछ वर्षों में और मजबूत हुए हैं। इसमें स्थानीय समुदायों की भागीदारी, वैज्ञानिक शोध, नवाचार और जागरूकता अभियानों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
पीएम मोदी ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा कि भारत की प्रकृति और आर्द्रभूमियों को बचाने के प्रयास लगातार आगे बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि ये प्रयास न केवल जैव विविधता को संरक्षित करते हैं, बल्कि पारिस्थितिक संतुलन बनाए रखने में भी मदद करते हैं। सरकार के अनुसार, ऐसे प्रयास आने वाली पीढ़ियों के लिए एक स्वच्छ और हरित भविष्य बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। रामसर स्थलों की बढ़ती संख्या इस बात का संकेत है कि भारत पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।