तमिलनाडु, May 21, (Political Insight) : तमिलनाडु का राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री विजय ने अपने मंत्रिमंडल का बड़ा विस्तार करते हुए 23 नए मंत्रियों को शामिल किया है। इसके साथ ही राज्य मंत्रिमंडल में मंत्रियों की कुल संख्या बढ़कर 33 हो गई है। विस्तार के दौरान कई मौजूदा मंत्रियों के विभागों में फेरबदल किया गया, जबकि नए मंत्रियों को अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
मुख्यमंत्री ने रखा अतिरिक्त विभाग
मुख्यमंत्री विजय ने अपने मौजूदा विभाग अपने पास ही रखे हैं। इसके अलावा विशेष पहल करते हुए उन्हें गरीबी उन्मूलन और ग्रामीण ऋणग्रस्तता विभाग की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी दी गई है। ये विभाग पहले ग्रामीण विकास और जल संसाधन मंत्री एन. आनंद के पास थे। वहीं ऊर्जा संसाधन एवं विधि मंत्री आर. निर्मलकुमार ने अपने अधिकांश पुराने विभाग बरकरार रखे हैं। हालांकि, विधानसभा मंत्रालय अब के.ए. सेंगोत्तैयान को सौंप दिया गया है। सेंगोत्तैयान को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन मंत्री के रूप में भी पुनः नामित किया गया है। वित्त मंत्रालय की जिम्मेदारी नव नियुक्त मंत्री एन. मैरी विल्सन को दी गई है।
ए. श्रीनाथ को मत्स्य और विजयलक्ष्मी को मिला दुग्ध विभाग
इसके अलावा नए मंत्रियों में ए. श्रीनाथ को मत्स्य पालन एवं मछुआरा कल्याण, एस. कमाली को पशुपालन, सी. विजयलक्ष्मी को दुग्ध एवं डेयरी विकास और आर.वी. रंजीतकुमार को वन विभाग सौंपा गया है। विनोद को कृषि एवं किसान कल्याण, वी.के. राजीव को पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन तथा बी. राजकुमार को आवास एवं शहरी विकास मंत्रालय मिला है।
वहीं, वी. गांधीराज को MSME, के. जगदेश्वरी को सामाजिक कल्याण एवं महिला सशक्तिकरण और कांग्रेस विधायक दल के नेता एस. राजेश कुमार को पर्यटन मंत्री बनाया गया है। एम. विजय बालाजी को हथकरघा एवं वस्त्र, डी. लोगेश तमिलसेल्वन को वाणिज्यिक कर एवं पंजीकरण तथा ए. विजय तमिलन पार्थिबन को परिवहन विभाग की जिम्मेदारी दी गई है।
विजय सरकार ने तकनीक और कौशल विकास पर भी जोर दिया है। आर. कुमार को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सूचना प्रौद्योगिकी एवं डिजिटल सेवा मंत्री बनाया गया है, जबकि जे. मोहम्मद फरवास को श्रम कल्याण एवं कौशल विकास विभाग सौंपा गया है।