नई दिल्लीः- राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को राज्यसभा में कांग्रेस पर व्यापक और तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की राजनीति देश को आगे ले जाने के बजाय समाज को बांटने, भ्रम फैलाने और नकारात्मकता पैदा करने पर केंद्रित रही है। पीएम मोदी का यह संबोधन राज्यसभा में कई घंटों तक चली चर्चा के बाद आया।
प्रधानमंत्री ने कहा कि देश आज “विकसित भारत” की दिशा में आगे बढ़ रहा है, लेकिन कांग्रेस अभी भी पुराने सोच और विफल नीतियों के बोझ से बाहर नहीं निकल पा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए आम नागरिकों, विशेषकर किसानों, गरीबों और सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास की लगातार अनदेखी की।
छोटे किसानों के साथ कांग्रेस ने किया विश्वासघात: PM मोदी
PM मोदी ने कांग्रेस पर छोटे किसानों की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि देश में लगभग 10 करोड़ ऐसे किसान हैं, जिनके पास दो हेक्टेयर से भी कम जमीन है, लेकिन दशकों तक कांग्रेस सरकारों ने उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं समझा। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने किसानों की जमीनी जरूरतों को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की शुरुआत की, जिसके तहत अब तक करीब 4 लाख करोड़ रुपये सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए जा चुके हैं। प्रधानमंत्री ने इसे पारदर्शी और भ्रष्टाचार-मुक्त व्यवस्था का उदाहरण बताया।
कांग्रेस की कार्यशैली— ‘लटकाना, अटकाना और भटकाना’
प्रधानमंत्री ने कांग्रेस के शासनकाल की कार्यप्रणाली को “लटकाना, अटकाना और भटकाना” करार दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकारों में योजनाएं वर्षों तक फाइलों में दबी रहीं और विकास कार्य अधूरे पड़े रहे। सरदार सरोवर बांध का जिक्र करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि इस परियोजना की आधारशिला देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने रखी थी, लेकिन दशकों तक इसे पूरा नहीं किया जा सका। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की नाकामी के कारण इस परियोजना का उद्घाटन उन्हें प्रधानमंत्री बनने के बाद करना पड़ा।
विकसित भारत बनाम ‘कब्र खोदने’ की राजनीतिः-
PM मोदी ने कहा कि जहां उनकी सरकार विकसित भारत की मजबूत नींव रख रही है, वहीं कांग्रेस समाज में तनाव और विभाजन पैदा करने वाली राजनीति कर रही है। उन्होंने “कब्र खोदने” वाली राजनीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह न केवल सामाजिक सौहार्द के खिलाफ है, बल्कि संविधान की मूल भावना का भी अपमान है। पीएम मोदी ने कहा कि देश को ऐसी राजनीति की जरूरत नहीं है जो नागरिकों को बांटने का काम करे।
कार्यान्वयन में कांग्रेस रही विफलः-
प्रधानमंत्री ने कहा कि कांग्रेस केवल घोषणाएं और कल्पनाएं करती रही है, लेकिन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में पूरी तरह विफल रही। उन्होंने असम और अरुणाचल प्रदेश को जोड़ने वाले बोगीबील पुल का उदाहरण देते हुए कहा कि यह परियोजना दशकों तक अधर में लटकी रही। उनकी सरकार ने ‘प्रगति’ पहल के तहत इसकी नियमित समीक्षा की और समयबद्ध तरीके से इसे पूरा किया, जिससे पूर्वोत्तर राज्यों में संपर्क और विकास को गति मिली।
140 करोड़ लोग ही हैं देश की सबसे बड़ी ताकतः-
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि उनकी सरकार को देश के 140 करोड़ नागरिकों की क्षमता और प्रतिभा पर पूरा भरोसा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सोच में देशवासी समस्या हैं, जबकि उनकी सरकार मानती है कि देश के लोग ही हर चुनौती का समाधान हैं। पीएम मोदी ने जोर देकर कहा कि आत्मनिर्भर भारत और विकसित भारत का सपना तभी साकार होगा, जब हर नागरिक को देश की प्रगति में भागीदार बनाया जाएगा।
प्रधानमंत्री के इस संबोधन को आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों और संसद में सरकार के एजेंडे के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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