नई दिल्लीः– दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने बुधवार को संसद परिसर में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के बीच हुई नोकझोंक पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की मानसिकता में अब तक कोई बदलाव नहीं आया है और संसद में हुई ताजा घटना इसका प्रमाण है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में सिरसा ने राहुल गांधी द्वारा केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा की निंदा की। उन्होंने लिखा कि संसद जैसे गरिमामय मंच पर एक सिख मंत्री को “गद्दार” कहना बेहद शर्मनाक और निंदनीय है।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि एक सिख सरदार को गद्दार कहना अस्वीकार्य है। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि किसी ने सिख समुदाय के साथ विश्वासघात किया है तो वह गांधी परिवार है। उन्होंने 1980 के दशक की घटनाओं का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि उस दौर में सिखों के साथ जो हुआ, उसे भुलाया नहीं जा सकता।
सिरसा ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं द्वारा सिखों के प्रति नकारात्मक टिप्पणियां बर्दाश्त नहीं की जा सकतीं। उनके अनुसार, यह न केवल सिख समुदाय का अपमान है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि कांग्रेस की सोच में आज भी वही नकारात्मकता मौजूद है।
उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप करने और कार्रवाई करने की मांग की। सिरसा ने कहा कि संसद में इस तरह की टिप्पणियों और भावनाओं को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि सिखों के प्रति अपमानजनक और द्वेषपूर्ण बयानबाजी पर सख्त रुख अपनाना जरूरी है।
मनजिंदर सिंह सिरसा ने यह भी कहा कि कांग्रेस नेताओं के अतीत के कृत्यों को नकारा नहीं जा सकता और इस तरह के बयानों के खिलाफ कड़ा कदम उठाया जाना चाहिए, ताकि भविष्य में सिख समुदाय के प्रति अपमानजनक मानसिकता को बढ़ावा न मिले।
ये भी पढ़ें-