भारतीय मूल की मशहूर अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने नासा से लिया रिटायरमेंट

सबसे लंबा मिशन जून 2024
भारतीय मूल की मशहूर अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने नासा से लिया रिटायरमेंट

वॉशिंगटन:- भारतीय मूल की मशहूर अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने अपने ऐतिहासिक अंतरिक्ष सफर को विराम देते हुए अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी नासा से रिटायरमेंट ले लिया है। नासा के मुताबिक, सुनीता विलियम्स ने 27 दिसंबर 2025 को एजेंसी से आधिकारिक रूप से सेवानिवृत्ति ग्रहण की।

आपको बता दे कि, उनका रिटायरमेंट इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) पर नौ महीने के एक ऐतिहासिक और चुनौतीपूर्ण मिशन के बाद हुआ है। नासा ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि सुनीता विलियम्स ह्यूमन स्पेसफ्लाइट के क्षेत्र में एक ट्रेलब्लेजर रही हैं।

नासा एडमिनिस्ट्रेटर जेरेड इसाकमैन ने उनके योगदान की सराहना करते हुए कहा कि स्पेस स्टेशन पर उनके नेतृत्व ने न केवल भविष्य की अंतरिक्ष खोज को दिशा दी, बल्कि लो अर्थ ऑर्बिट में कमर्शियल स्पेस मिशनों के लिए भी रास्ता तैयार किया।

वहीं नासा ने अपने आधिकारिक संदेश में कहा कि, “विज्ञान और तकनीक को आगे बढ़ाने में सुनीता विलियम्स का योगदान चंद्रमा पर आर्टेमिस मिशन और भविष्य में मंगल ग्रह की यात्राओं की नींव रखता है। उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों को बड़े सपने देखने और सीमाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करती रहेंगी।”
सुनीता विलियम्स का जन्म ओहायो के यूक्लिड में हुआ था और वह नीडहम, मैसाचुसेट्स को अपना होमटाउन मानती हैं। उनके पिता गुजरात के मेहसाणा जिले के झूलासन गांव में जन्मे न्यूरोएनाटोमिस्ट हैं, जबकि उनकी मां बोनी पांड्या स्लोवेनियाई मूल की हैं। निजी जीवन में सुनीता और उनके पति माइकल को अपने कुत्तों के साथ समय बिताना, फिटनेस, हाइकिंग, कैंपिंग और तकनीकी कामों में रुचि है।

अंतरिक्ष करियर की शुरुआतः-

सुनीता विलियम्स के अंतरिक्ष करियर की शुरुआत 9 दिसंबर 2006 को हुई, जब उन्होंने एसटीएस-116 मिशन के तहत स्पेस शटल डिस्कवरी से उड़ान भरी। बाद में वह एसटीएस-117 मिशन के साथ स्पेस शटल अटलांटिस से पृथ्वी पर लौटीं। एक्सपीडिशन 14 और 15 के दौरान उन्होंने फ्लाइट इंजीनियर के रूप में कार्य किया और उस समय रिकॉर्ड चार स्पेसवॉक पूरे किए।

वर्ष 2012 में सुनीता विलियम्स ने एक्सपीडिशन 32 और 33 के तहत 127 दिन के मिशन में हिस्सा लिया और बाद में एक्सपीडिशन 33 की कमांडर बनीं। इस दौरान उन्होंने स्पेस स्टेशन के एक लीक हो रहे रेडिएटर की मरम्मत और पावर डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को बदलने के लिए कई स्पेसवॉक किए, जिससे उनकी तकनीकी दक्षता और नेतृत्व क्षमता सामने आई।

सबसे लंबा मिशन जून 2024

उनका तीसरा और सबसे लंबा मिशन जून 2024 में शुरू हुआ, जब उन्होंने अंतरिक्ष यात्री बुच विल्मोर के साथ बोइंग स्टारलाइनर स्पेसक्राफ्ट के जरिए नासा के क्रू फ्लाइट टेस्ट मिशन में उड़ान भरी। यह मिशन शुरुआत में कम अवधि का था, लेकिन तकनीकी कारणों से इसे बढ़ाकर नौ महीने कर दिया गया। दोनों एक्सपीडिशन 71 और 72 का हिस्सा बने और मार्च 2025 में सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर लौटे।
इस मिशन पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी रहीं, क्योंकि तकनीकी खामियों के चलते सुनीता विलियम्स को तय समय से कहीं अधिक समय तक अंतरिक्ष स्टेशन पर रुकना पड़ा। इसके बावजूद उन्होंने मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया।

आपको बताते चले कि, अंतरिक्ष मिशनों के अलावा, सुनीता विलियम्स ने एस्ट्रोनॉट ट्रेनिंग और ऑपरेशन में भी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 2002 में नासा के एनईईएमओ प्रोग्राम में हिस्सा लिया, जहां नौ दिनों तक पानी के नीचे रहकर प्रशिक्षण लिया। इसके बाद उन्होंने नासा के एस्ट्रोनॉट ऑफिस में डिप्टी चीफ और रूस के स्टार सिटी में ऑपरेशन डायरेक्टर के रूप में भी सेवाएं दीं। हाल के वर्षों में वह भविष्य की चंद्र लैंडिंग के लिए हेलीकॉप्टर ट्रेनिंग प्रोग्राम विकसित करने में भी शामिल रहीं।

सिंगल स्पेसफ्लाइट की सूची में छठे स्थान परः-

उल्लेखनीय है कि सुनीता विलियम्स अमेरिका की सबसे लंबी सिंगल स्पेसफ्लाइट की सूची में छठे स्थान पर हैं। उन्होंने कुल 62 घंटे 6 मिनट के 9 स्पेसवॉक पूरे किए हैं, जो किसी भी महिला अंतरिक्ष यात्री द्वारा किया गया सर्वाधिक समय है। इसके साथ ही वह नासा की ऑल-टाइम स्पेसवॉक सूची में चौथे स्थान पर हैं। सुनीता विलियम्स अंतरिक्ष में मैराथन दौड़ने वाली पहली इंसान भी रही हैं।

ये भी पढ़ें-

Related Posts

महिला आरक्षण बिल पर संसद में गरमाई बहस, अखिलेश यादव ने उठाए मंशा और प्रक्रिया पर सवाल

नई दिल्ली, 18 Apr, (Political Insight): संसद के विशेष सत्र में महिला आरक्षण संशोधन बिल को लेकर शुक्रवार को तीखी बहस देखने को मिली। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश…

महिला आरक्षण संशोधन बिल पर सरकार को झटका, 298 बनाम 230 वोटों से नहीं मिला बहुमत

नई दिल्ली, 18 Apr, (Political Insight): संसद के विशेष सत्र के दूसरे दिन लोकसभा में महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन आयोग से जुड़े अहम बिलों पर तीखी बहस…