लखनऊः- 86वां अखिल भारतीय पीठासीन अधिकारी सम्मेलन (AIPOC) सोमवार को उत्तर-प्रदेश विधानसभा, लखनऊ में आयोजित किया जाएगा। सम्मेलन का उद्घाटन उत्तर-प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के उद्घाटन भाषण के साथ होगा, जबकि लोकसभा अध्यक्ष ओम-बिरला उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे।
19 से 21 जनवरी, 2026 तक चलने वाले इस तीन दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन में देशभर के विधान सभाओं और विधान-परिषदों के पीठासीन अधिकारी, उपाध्यक्ष, वरिष्ठ विधायक तथा संसदीय कार्यों से जुड़े अधिकारी भाग लेंगे। सम्मेलन का उद्देश्य विधायी संस्थाओं की कार्यप्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित बनाना है।
इस सम्मेलन के दौरान प्रमुख रूप से तीन विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा। इनमें पारदर्शी, प्रभावी एवं नागरिक-केंद्रित विधायी प्रक्रियाओं के लिए प्रौद्योगिकी के उपयोग, विधायकों की कार्यकुशलता बढ़ाने और लोकतांत्रिक शासन को सुदृढ़ करने हेतु उनकी क्षमता निर्माण, तथा जनता के प्रति विधायिका की जवाबदेही जैसे अहम मुद्दे शामिल हैं। विभिन्न सत्रों में इन विषयों पर प्रस्तुतियां, अनुभव साझा करना और नीतिगत सुझावों पर चर्चा की जाएगी।
आपको बता दें कि सम्मेलन का समापन 21 जनवरी, 2026 को लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला के समापन संबोधन के साथ होगा। समापन सत्र में उत्तर-प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, उत्तर प्रदेश विधानपरिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह और उत्तर प्रदेशविधान सभा के अध्यक्ष सतीश महाना भी उपस्थित रहेंगे और अपने विचार रखेंगे।
आयोजकों के अनुसार, इस सम्मेलन से विधायी प्रक्रियाओं में तकनीक के बेहतर उपयोग, विधायकों की क्षमता वृद्धि और लोकतांत्रिक संस्थाओं में जनविश्वास को मजबूत करने के लिए ठोस सुझाव सामने आने की उम्मीद है।
उल्लेखनीय है कि 86वें AIPOC से पहले, 19 जनवरी, 2026 को लखनऊ में अखिल भारतीय विधायी निकायों के सचिवों का 62वां सम्मेलन भी आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में विधायी सचिवालयों के प्रशासनिक, तकनीकी और प्रक्रियागत पहलुओं पर चर्चा की जाएगी, जिससे पीठासीन अधिकारियों के सम्मेलन को व्यावहारिक इनपुट मिल सके।