नई दिल्ली, 18 Apr, (Political Insight): संसद के विशेष सत्र के दूसरे दिन लोकसभा में महिला आरक्षण कानून में संशोधन और परिसीमन आयोग से जुड़े अहम बिलों पर तीखी बहस देखने को मिली। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लंबी चर्चा के बाद जब वोटिंग हुई, तो एनडीए सरकार को अपेक्षित दो-तिहाई बहुमत नहीं मिल सका।
महिला आरक्षण संशोधन बिल के पक्ष में 298 वोट पड़े, जबकि 230 सांसदों ने इसके विरोध में मतदान किया। इस तरह सरकार जरूरी बहुमत हासिल करने से चूक गई, जिससे बिल पास नहीं हो पाया।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने सदन में जानकारी दी कि सरकार ने परिसीमन आयोग से जुड़े बाकी दोनों संशोधन बिलों को आगे नहीं बढ़ाने का फैसला किया है। यह फैसला मौजूदा राजनीतिक स्थिति और समर्थन की कमी को देखते हुए लिया गया।
वोटिंग से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों के बीच महिला आरक्षण और परिसीमन जैसे संवेदनशील मुद्दों पर जोरदार बहस हुई। चर्चा का जवाब देते हुए गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधा और कहा कि “नारी शक्ति के अपमान की बात दूर तक जाएगी।”
इस पूरे घटनाक्रम ने साफ कर दिया है कि महिला आरक्षण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर अभी भी राजनीतिक सहमति बनना बाकी है, और आने वाले समय में यह विषय देश की राजनीति में प्रमुख भूमिका निभा सकता है।