कोलकाता, May 20, (Political Insight) : पश्चिम बंगाल में चुनाव के बाद राजनीतिक तनाव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। नई सरकार के गठन के बाद से ही अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जो अब कानूनी मोड़ भी ले चुका है। इसी बीच तृणमूल कांग्रेस ने पार्टी विधायकों के साथ बैठक कर 21 मई को कोलकाता समेत कई इलाकों में विरोध प्रदर्शन करने का ऐलान किया है। टीएमसी का आरोप है कि राज्य में हाकरों को जबरन हटाया जा रहा है और अल्पसंख्यक समुदायों को निशाना बनाया जा रहा है। पार्टी के अनुसार, यह प्रदर्शन हावड़ा स्टेशन, सियालदह स्टेशन और बालीगंज इलाके में आयोजित किए जाएंगे।
कालीघाट में आयोजित पार्टी विधायकों की बैठक में TMC प्रमुख ममता बनर्जी ने BJP सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि राज्य में संविधान की मूल भावना के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और अल्पसंख्यक समुदायों को निशाना बनाया जा रहा है। ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि बुलडोजर की राजनीति के जरिए लोगों को परेशान किया जा रहा है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में BJP को दिल्ली की सत्ता से हटाया जाएगा। पार्टी नेताओं ने कहा कि विरोध प्रदर्शन पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से किया जाएगा।
वहीं, तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने BJP पर दबाव की राजनीति करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वे किसी भी जांच या कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं। अभिषेक बनर्जी ने कहा, “वे जो करना चाहते हैं करें, मेरा संघर्ष BJP के खिलाफ जारी रहेगा।”
बता दें कि अभिषेक बनर्जी के खिलाफ बिधाननगर नॉर्थ साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान उनके भाषण भड़काऊ थे। यह मामला भारतीय न्याय संहिता और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया गया है।
Our Hon'ble Chairperson Smt @MamataOfficial and our Hon'ble National General Secretary Shri @abhishekaitc met with all our MLAs today, in Kalighat.
Fear, intimidation and threats will NEVER break our spirit.
We have always fought for the rights, dignity and welfare of common… pic.twitter.com/dYdVSlgDJ8
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) May 19, 2026