नई दिल्ली, May 6, (Political Insight): समाजवादी पार्टी ने 2027 विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए बड़ा राजनीतिक फैसला लिया है और पॉलिटिकल कंसल्टेंसी फर्म आई-पैक के साथ अपनी डील रद्द कर दी है। यह निर्णय ऐसे समय में आया है, जब हाल ही में पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों के नतीजों ने देशभर की राजनीति में नई हलचल पैदा की है। इस फर्म को पहले उत्तर प्रदेश में पार्टी के चुनाव प्रबंधन की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। योजना थी कि पश्चिम बंगाल चुनाव खत्म होने के बाद आई-पैक यूपी में सपा के लिए सक्रिय रूप से काम शुरू करेगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस फैसले के पीछे कानूनी विवाद, हालिया चुनावी हार और पार्टी के भीतर बढ़ती शंकाएं अहम कारण रहे। हालांकि, अखिलेश यादव ने डील रद्द होने का कारण फंड को बताया। वहीं, पार्टी दूसरी चुनावी और सोशल मीडिया कंपनी के साथ काम जारी रखेगी।
आई-पैक से दूरी बनाने के पीछे कंपनी के सह-संस्थापक विनेश चंदेल पर प्रवर्तन निदेशालय द्वारा पश्चिम बंगाल के कथित कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले की कार्रवाई को एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। जांच एजेंसी का आरोप है कि आई-पैक से जुड़ी कंपनी के माध्यम से हवाला नेटवर्क के जरिए बड़ी रकम का लेनदेन किया गया। हालांकि, चंदेल को हाल ही में जमानत मिल चुकी है, लेकिन इस पूरे विवाद ने पार्टी को अपनी चुनावी रणनीति पर दोबारा विचार करने पर मजबूर कर दिया है।
इसके अलावा, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु चुनावों में आई-पैक की रणनीति अपेक्षित परिणाम नहीं दे सकी, जिससे पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ा। इन राज्यों में आई-पैक ने ममता बनर्जी और एम.के. स्टालिन की पार्टियों के साथ काम किया था, लेकिन दोनों ही जगह अपेक्षित सफलता नहीं मिली। वहीं, प्रेस कॉन्फेंस के दौरान सपा प्रमुख अखिलेश यादव से आई-पैक के साथ करार रद्द होने का कारण पूछने पर उन्होंने फंड की कमी के कारण डील रद्द होने की बात कही।