नई दिल्ली:- संसद में आज बजट सत्र के दूसरे चरण के बीच लोकसभा में एक अहम राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिल सकता है। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर आज सदन में चर्चा निर्धारित है। यह प्रस्ताव कांग्रेस के तीन सांसद मोहम्मद जावेद, के. सुरेश और मल्लु रवि द्वारा पेश किया जाएगा।
संसदीय नियमों के अनुसार, यदि यह प्रस्ताव सदन में पारित हो जाता है तो लोकसभा अध्यक्ष पद पर बने नहीं रह सकते। चर्चा के दौरान अध्यक्ष सदन की कार्यवाही की अध्यक्षता नहीं करते और उन्हें अन्य सदस्यों की तरह सदन में बैठना होता है। ऐसे में कार्यवाही का संचालन आमतौर पर लोकसभा के उपाध्यक्ष या किसी नामित सदस्य द्वारा किया जाता है।
दरअसल, विपक्ष लंबे समय से लोकसभा अध्यक्ष पर सदन की कार्यवाही को लेकर पक्षपात का आरोप लगाता रहा है। विपक्षी दलों का कहना है कि महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के लिए उन्हें पर्याप्त समय नहीं दिया जाता। हालांकि, सरकार और सत्तारूढ़ दल इन आरोपों को निराधार बताते रहे हैं।
इस प्रस्ताव को कल ही सदन में लिया जाना था, लेकिन पश्चिम एशिया की स्थिति पर तत्काल चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष के हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित हो गई और प्रस्ताव पर चर्चा नहीं हो सकी।
संसदीय जानकारों के अनुसार, लोकसभा में अध्यक्ष को हटाने का प्रस्ताव पारित कराने के लिए सदन में उपस्थित और मतदान करने वाले सदस्यों का बहुमत जरूरी होता है। चूंकि लोकसभा में सत्तारूढ़ गठबंधन के पास स्पष्ट बहुमत है, इसलिए इस प्रस्ताव के पारित होने की संभावना कम मानी जा रही है। इसके बावजूद यह मुद्दा संसद में सरकार और विपक्ष के बीच तीखी राजनीतिक बहस का कारण बन सकता है।
वहीं दूसरी ओर, राज्यसभा में आज पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय के कामकाज पर चर्चा जारी रहेगी। इसके साथ ही उच्च सदन में ग्रामीण विकास मंत्रालय के कामकाज पर भी विस्तृत चर्चा प्रस्तावित है। इन चर्चाओं के दौरान विभिन्न दलों के सदस्य पर्यावरण संरक्षण, जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों, ग्रामीण विकास योजनाओं और केंद्र सरकार की नीतियों पर अपने विचार रखेंगे।
संसद के बजट सत्र के इस चरण में कई महत्वपूर्ण विधेयकों और नीतिगत मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है, जिससे आने वाले दिनों में सदन की कार्यवाही राजनीतिक रूप से काफी अहम मानी जा रही है।