नई दिल्लीः- मिडिल ईस्ट में बढ़ते संघर्ष के बीच PM मोदी ने वैश्विक मंच से एक बार फिर शांति और स्थिरता का संदेश दिया। नई दिल्ली में कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि विश्व में जारी तनाव को लेकर भारत की सोच स्पष्ट है और देश हमेशा शांति, संवाद और कूटनीति का समर्थन करता है।
पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंताः-
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “पश्चिम एशिया की वर्तमान स्थिति हमारे लिए गहरी चिंता का विषय है। भारत बातचीत और कूटनीति के माध्यम से सभी विवादों के समाधान का समर्थन करता है।” उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि क्षेत्र में मौजूद भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत सभी संबंधित देशों के साथ मिलकर काम करता रहेगा।
PM मोदी ने जोर देकर कहा कि जब दो लोकतंत्र साथ खड़े होते हैं, तो शांति की आवाज और अधिक सशक्त हो जाती है।
रक्षा और रणनीतिक सहयोग को नई दिशाः-
भारत और कनाडा के बीच द्विपक्षीय सहयोग का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने बताया कि दोनों देश डिफेंस इंडस्ट्री, मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस और मिलिट्री एक्सचेंज बढ़ाने पर सहमत हुए हैं। इसी दिशा में ‘इंडिया–कनाडा डिफेंस डायलॉग’ की स्थापना का निर्णय लिया गया है।
आतंकवाद के खिलाफ साझा रुखः-
संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में PM मोदी ने कहा कि आतंकवाद, उग्रवाद और कट्टरपंथ न केवल दोनों देशों बल्कि पूरी मानवता के लिए गंभीर चुनौती हैं। उन्होंने कहा कि इन खतरों के खिलाफ करीबी सहयोग वैश्विक शांति और स्थिरता के लिए अत्यंत आवश्यक है।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि दोनों नेताओं की पहली औपचारिक बैठक से ही संबंधों में नई ऊर्जा, आपसी विश्वास और सकारात्मकता आई है। उन्होंने सहयोग के हर क्षेत्र में बढ़ती गति का श्रेय प्रधानमंत्री कार्नी को दिया।
PM मोदी ने कहा कि भारत और कनाडा लोकतांत्रिक मूल्यों में अटूट विश्वास रखते हैं और मानवता की भलाई उनका साझा विजन है। इसी विजन को आगे बढ़ाते हुए दोनों देशों ने साझेदारी को अगले स्तर तक ले जाने पर चर्चा की।
उन्होंने प्रधानमंत्री कार्नी की भारत यात्रा को एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताते हुए कहा कि पिछले वर्ष कनाडा में आयोजित G7 Summit के दौरान कार्नी ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का गर्मजोशी से स्वागत किया था, और आज उसी आत्मीयता से उनका स्वागत करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।