पश्चिम बंगाल, May 5, (Political Insight) : पश्चिम बंगाल की राजनीति में बदलाव की आंधी ने 15 साल से सत्ता में रही तृणमूल कांग्रेस को राज्य की सत्ता से बाहर कर दिया है। पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के चुनावी नतीजों ने पूरे देश को चौंका दिया, जहां भारतीय जनता पार्टी की लहर के बीच कई अप्रत्याशित जीतें सामने आईं। इन्हीं में से एक चर्चा का केंद्र बनीं गुसकरा की रहने वाली कलिता माझी, जो पहले दूसरों के घरों में बर्तन मांजने और साफ-सफाई का काम करती थीं। अब वे विधायक बन गई हैं।
उन्होंने औसग्राम विधानसभा सीट से जीत दर्ज कर राजनीति में नया इतिहास रच दिया है। कलिता माझी को इस चुनाव में 1,07,692 वोट मिले और उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी को 12,535 वोटों के अंतर से हराया।
साधारण स्थिति, असाधारण जीत
कलिता माझी बंगाल चुनाव में चर्चित नामों में से एक हैं। विधायक बनने से पहले कलिता चार घरों में बर्तन मांजने और साफ-सफाई का काम करती थीं, और उनकी मासिक आय लगभग 2,500 रुपये थी। उनके पति प्लंबर हैं, और परिवार की आर्थिक स्थिति सामान्य रही है। लेकिन, भारतीय जनता पार्टी ने जब उन्हें दोबारा मौका दिया, तो उन्होंने 1,07,692 वोट हासिल कर तृणमूल कांग्रेस के श्यामा प्रसन्न लोहार को 12,535 वोटों के अंतर से हराकर बड़ी जीत दर्ज की।
पिछली हार के बाद मिली सफलता
कलिता माझी के लिए राजनीतिक सफर आसान नहीं रहा। 2021 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर चुनाव लड़ा था, लेकिन उन्हें तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार से हार का सामना करना पड़ा।
हार के बाद भी उन्होंने सक्रिय राजनीति और संगठनात्मक कार्य नहीं छोड़ा और लगातार जमीनी स्तर पर काम करती रहीं। इसी प्रदर्शन और मेहनत को देखते हुए भाजपा ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया और उन्हें पश्चिम बंगाल की औसग्राम विधानसभा सीट से उम्मीदवार बनाया। इस बार कलिता माझी ने 1,07,692 वोट हासिल कर अपने प्रतिद्वंद्वी श्यामा प्रसन्न लोहार को 12,535 वोटों के अंतर से हराया और बड़ी जीत दर्ज की।
बंगाल में भाजपा की लहर
कलिता माझी की यह जीत भारतीय जनता पार्टी की उस बड़ी सफलता का हिस्सा है, जिसने पश्चिम बंगाल की राजनीति को नया मोड़ दिया है। 294 सीटों वाली विधानसभा में भाजपा ने 206 सीटें जीतकर दो-तिहाई बहुमत हासिल किया है। इसके साथ ही राज्य में तृणमूल कांग्रेस के लंबे समय से चले आ रहे शासन का अंत हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस जीत को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि बंगाल में विकास का नया अध्याय शुरू होगा।
ममता को बड़ा झटका
इस चुनाव में सत्ता परिवर्तन के साथ कई बड़े नेताओं को भी हार का सामना करना पड़ा। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद भवानीपुर सीट से हार गईं, जहां उन्हें भाजपा प्रत्याशी से शिकस्त मिली। यह परिणाम तृणमूल कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। ममता बनर्जी ने कुछ सीटों पर अनियमितताओं के आरोप जरूर लगाए हैं, लेकिन कलिता माझी जैसी जमीनी उम्मीदवारों की जीत यह संकेत देती है कि जनता बदलाव के पक्ष में रही।