नेपाल की राजधानी काठमांडू की सड़कों पर जबरदस्त विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहा है। यहां हजारों की संख्या में Gen-Z लड़के और लड़कियां सड़कों पर उतर आए हैं। प्रदर्शनकारी संसद भवन परिसर में घुस गए। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर पानी की बौछार की है और और आंसू गैस का इस्तेमाल भी किया है। सरकार के खिलाफ युवाओं का यह प्रदर्शन उनके उस फैसले के खिलाफ है, जिसके तहत नेपाल में सोशल मीडिया पर बैन लगाया गया है. सरकार के इस फैसले को लेकर युवाओं में काफी गुस्सा है. इस प्रदर्शन में शामिल युवा भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ भी अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं. उनका मानना है कि देश की मौजूदा सरकार भ्रष्टाचार और बेरोजगारी जैसे मुद्दे से निपटने के लिए कुछ नहीं कर रही है । स प्रदर्शन में मौजूद ज्यादातर प्रदर्शनकारी वही युवा हैं, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल करते हैं.
जब प्रदर्शनकारी बेकाबू होकर संसद परिसर तक पहुंचने लगे तो काठमांडू डिस्ट्रिक्ट एडमिनिस्ट्रेशन ऑफिस की ओर से पूरे न्यू बानेश्वर में कर्फ्यू लगा दिया गया है. मुख्य जिला अधिकारी छाबीलाल रिजाल ने सेक्शन 6 के तहत दोपहर 12 बजकर 30 मिनट से कर्फ्यू लगाया है, जो रात 10 बजे तक लगा रहेगा.।
इस प्रदर्शन में हिस्सा ले रहे लोगों का कहना है कि उनके संबंध भारत में भी हैं। इन सोशल मीडिया के माध्यम से बात करना सस्ता था। अभी वर्तमान में भारत से नेपाल मोबाइल से बात करने के लिए एक मिनट में 12 रुपये (भारतीय रुपये व नेपाल से भारत बात करने पर 7 रुपये (नेपाली रुपये भारतीय करीब साढ़े चार रुपये) लगता है।नेपाल की सरकार ने 4 सितंबर 2025 की मध्यरात्रि के बाद से ही इन 26 सोशल मीडिया प्लेटफार्म पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया है। इसके साथ ही लोगों की परेशानी बढ़ी है।