लंबे इंतजार के बाद कल यानी मंगलवार को उपराष्ट्रपति पद के चुनाव (Vice Presidential Election) होने वाले हैं। इसे लेकर सियासी हलचल तेज गई है। बीजेपी के नेतृत्व वाले NDA गठबंधन का पलड़ा भारी नजर आ रहा है। हालांकि पिछली बार के मुकाबले इस बार जीत की चमक फीकी पड़ सकती है।शाम तक नतीजे घोषित होंगे। इसके साथ ही देश को 50 दिन बाद जगदीप धनखड़ की जगह नया उपराष्ट्रपति मिलेगा।
21 जुलाई को धनखड़ के अचानक इस्तीफा देने के चलते चुनाव हो रहा है। इस चुनाव में जीत किसकी होगी, ये तो तय है, लेकिन जीत का अंतर बड़ा नहीं होने वाला है. इंडिया ब्लॉक उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए पूरा जोर लगा रहा है. निर्दलीयों को भी अपने साथ मिलाने की रणनीति बनाई जा रही है. ऐसे में एनडीए की एक-एक वोट पर नजर है. क्रॉस वोटिंग कई बार खेल बिगाड़ देती है, इसे रोकने के लिए भी काम किया जा रहा है. एनडीए ने महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन को उम्मीदवार बनाया है, तो वहीं इंडिया ब्लॉक ने सुप्रीम कोर्ट के पूर्व न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी को खड़ा किया है. उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा और राज्यसभा के सांसद वोट डालते हैं. इसके लिए व्हिप जारी नहीं होता और गुप्त मतदान होता है.। उपराष्ट्रपति पद के चुनाव में क्रॉस वोटिंग भी बेहद आम है।
आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री जगनमोहन रेड्डी और तेलंगाना के पूर्व मुख्यमंत्री के.चंद्रशेखर राव पिछले चुनाव में बीजेपी का साथ दे चुके हैं। 2022 के उपराष्ट्रपति चुनाव में NDA उम्मीदवार जगदीप धनखड़ ने शानदार बहुमत हासिल किया था। अपने गुट के अलावा उन्हें YSR कांग्रेस, बीजेडी का भी समर्थन मिला था। जगदीप धनखड़ को कुल 75 प्रतिशत वोट मिले थे।