दिल्ली-एनसीआर में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। क्योंकि थिनीकुंड बैराज से 1,78,996 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। जिसके बाद राजधानी में अलर्ट जारी कर दिया गया है। यमुना किनारे टीमों को तैनात कर दिया गया है। पूर्वी दिल्ली में यमुना नदी का जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया है जिसके कारण प्रशासन ने निचले इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया है।तेज बहाव के साथ पानी दिल्ली की ओर बढ़ रहा है।
वहीं दिल्ली में दो दिनों से बारिश भी हो रही है। खतरे को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया गया है और यमुना किनारे टीमों को तैनात किया गया है। सोमवार दोपहर यमुना का जल स्तर खतरे के निशान 205.33 मीटर को पार कर गया। मंगलवार को यह जल स्तर 206 मीटर के अधिक पहुंचने की उम्मीद है। इतना जल स्तर पहुंचते ही पुराना लोहा पुल पर वाहनों व ट्रेन का आवागमन बंद किया जाएगा।
इस सीजन में पहली बार ऐसा हुआ है, जब यमुना में हथिनीकुंड से 1.78 लाख क्यूसेक पानी डिस्चार्ज किया गया है। ये पानी 19 अगस्त यानी कल तक दिल्ली पहुंच जाएगा, जिसके बाद यमुना नदी का जलस्तर और ज्यादा बढ़ सकता है। यमुना में पानी किस तेजी से बढ़ रहा है इसका अंदाजा ताजा आंकड़ों से लगाया जा सकता है। दिल्ली के ओल्ड रेलवे ब्रिज पर जब यमुना का जलस्तर 204.5 मीटर होता है, तो उसे चेतावनी स्तर कहा जाता है, जबकि जलस्तर के 205.30 मीटर तक पहुंचने पर इसे खतरे का निशान माना जाता है। आज यानी सोमवार को यहां यमुना का जलस्तर 205.03 मीटर तक पहुंच गया है।
वर्ष 2023 में दिल्ली में यमुना का जल स्तर 208.66 मीटर पहुंच गया था। उस वक्त दिल्ली के कश्मीरी गेट, सिविल लाइन, आउटर रिंग रोड समेत कई क्षेत्रों में पानी भर गया था। कई दिनों तक पानी भरा रहा था। वर्ष 1978 के बाद दिल्ली में बाढ़ आई थी। 2023 में यमुना का जल स्तर रिकार्ड 208.66 मीटर दर्ज किया गया था। 1978 के बाद अभी तक का यह सबसे अधिक जल स्तर है।