कर्नाटक, June 3, ( Political Insight) : कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार ने बुधवार को पद और गोपनीयता की शपथ लेकर राज्य की कमान संभाल ली। वहीं, डॉ. जी. परमेश्वर ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ग्रहण की। बेंगलुरु स्थित लोक भवन के ग्लास हाउस में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने दोनों नेताओं को शपथ दिलाई। इस अवसर पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, पार्टी के संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
राज्य की कमान मिली, पूरा हुआ सपना
मुख्यमंत्री पद की शपथ के साथ ही डीके शिवकुमार का वर्षों पुराना राजनीतिक सपना पूरा हो गया। आठ बार विधायक रह चुके शिवकुमार लंबे समय से राज्य की सर्वोच्च राजनीतिक जिम्मेदारी संभालने की दौड़ में शामिल रहे हैं। कर्नाटक की राजनीति में डीके शिवकुमार और सिद्धारमैया के बीच नेतृत्व को लेकर लंबे समय से खींचतान चल रही थी। इस विवाद का अंत तब हुआ जब कांग्रेस आलाकमान के निर्देश पर सिद्धरमैया ने 28 मई को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद मुख्यमंत्री पद का रास्ता साफ हुआ और कांग्रेस के संकटमोचक माने जाने वाले डीके शिवकुमार को राज्य की बागडोर सौंप दी गई।
प्रियांक खरगे समेत कई नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली
शिवकुमार के नेतृत्व में कांग्रेस कर्नाटक में नए राजनीतिक अध्याय की शुरुआत कर रही है। उनके साथ कई नेताओं ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें के.एच. मुनियप्पा, के.जे. जॉर्ज, एम.बी. पाटिल, रामलिंगा रेड्डी, सतीश जारकीहोली, कृष्णा बायरे गौड़ा, प्रियांक खरगे, यू.टी. खादर, ईश्वर खंड्रे, यतींद्र सिद्धरमैया, बैराठी सुरेश और शरणप्रकाश पाटिल शामिल हैं।
महज 18 साल की उम्र में कांग्रेस से जुड़े थे डीके
डीके शिवकुमार के राजनीतिक जीवन की शुरुआत 1980 के दशक में हुई थी। मात्र 18 वर्ष की आयु में वे कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई (NSUI) से जुड़े। अपनी संगठनात्मक क्षमता और नेतृत्व कौशल के दम पर वे जल्द ही बेंगलुरु जिला एनएसयूआई के अध्यक्ष तथा बाद में यूथ कांग्रेस के प्रदेश महासचिव बने।
उन्होंने 1985 में जनता दल के वरिष्ठ नेता एच.डी. देवेगौड़ा के खिलाफ चुनाव लड़ा, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद 1989 में उन्होंने पहली चुनावी जीत दर्ज की और राज्य की राजनीति में अपनी मजबूत पहचान बनाई। वर्ष 2020 में कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने उन्हें कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस कमेटी (KPCC) का अध्यक्ष नियुक्त किया। उनके चुनावी प्रबंधन और जमीनी रणनीति के दम पर कांग्रेस ने 2023 के विधानसभा चुनाव में 135 से अधिक सीटें जीतकर प्रचंड बहुमत हासिल किया था। जिसके बाद उन्हें राज्य का उपमुख्यमंत्री बनाया गया था।