कोलकाता, June 3, ( Political Insight) : तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने बुधवार को पश्चिम बंगाल में अपनी सभी संगठनात्मक समितियों और सहयोगी संगठनों को तत्काल प्रभाव से भंग करने की घोषणा की। राज्य विधानसभा चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी ने संगठन में व्यापक बदलाव की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
पार्टी की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि चुनावी हार के कारणों की पहचान करने के लिए सभी स्तरों पर व्यापक आत्ममंथन, प्रदर्शन समीक्षा और संगठनात्मक मूल्यांकन किया जाएगा। TMC ने स्पष्ट किया कि मुख्य संगठन के साथ-साथ उसके सभी फ्रंटल विंग्स की संरचना का पुनर्गठन किया जाएगा। नई नियुक्तियों और संगठनात्मक ढांचे की घोषणा उचित समय पर की जाएगी।
यह कदम पश्चिम बंगाल में एक दशक से अधिक समय तक सत्ता में रहने के बाद मिली चुनावी हार के बीच उठाया गया है। हार के बाद पार्टी के भीतर असंतोष और मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। कई विधायकों और नेताओं ने चुनाव के बाद पार्टी मामलों के प्रबंधन को लेकर नेतृत्व पर सवाल उठाए हैं।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मौजूदा संगठनात्मक ढांचे को भंग कर TMC नेतृत्व पार्टी संगठन को नए सिरे से खड़ा करने, आंतरिक नियंत्रण मजबूत करने और भविष्य के चुनावी मुकाबलों के लिए खुद को तैयार करने की कोशिश कर रहा है।
गौरतलब है कि 2011 में सत्ता में आने के बाद यह TMC का सबसे बड़ा संगठनात्मक पुनर्गठन माना जा रहा है। पार्टी का यह फैसला इस बात का संकेत है कि नेतृत्व चुनावी हार के बाद संगठन में बड़े और व्यापक बदलाव की आवश्यकता महसूस कर रहा है।