पश्चिम बंगाल, May 6 (Political Insight): पश्चिम बंगाल में टीएमसी की करारी हार के बाद ममता बनर्जी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बीजेपी, चुनाव आयोग और एसआईआर प्रक्रिया पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पार्टी चुनाव नहीं हारी, बल्कि उसे हराया गया और यह जीत निष्पक्ष नहीं थी। ममता ने दावा किया कि एसआईआर के जरिए 90 लाख नाम हटाए गए थे और अदालत जाने के बाद 32 लाख नाम वापस जोड़े गए। उनके मुताबिक इसके बाद भी करीब सात लाख नाम और जोड़े गए, जिससे पूरे चुनाव पर सवाल खड़े होते हैं।
बीजेपी और आयोग पर निशाना
टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी लड़ाई बीजेपी से कम और चुनाव आयोग से ज्यादा थी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग ने बीजेपी के लिए काम किया और मतगणना से पहले ही “खेल” की चेतावनी दी गई थी। ममता ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने मिलकर उनकी पार्टी को हराया, इसके साथ ही उन्होंने बीजेपी कार्यकर्ताओं पर टीएमसी कार्यकर्ताओं से मारपीट करने का आरोप भी लगाया।
ममता का इस्तीफे से इनकार
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान इस्तीफे के सवाल पूछे जाने पर ममता बनर्जी ने साफ कहा कि उनका इस्तीफा देने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि वे लोकभवन जाकर इस्तीफा नहीं देंगी, क्योंकि उनके अनुसार टीएमसी नैतिक रूप से जीती है। उन्होंने आगे कहा कि पार्टी की अगली रणनीति पर साथियों के साथ चर्चा होगी और वे बीजेपी के कथित अत्याचारों के खिलाफ सड़कों पर उतरेंगी।
विपक्ष का मिल रहा समर्थन
ममता ने दावा किया कि इंडिया ब्लॉक उनके साथ है और कई विपक्षी नेताओं ने उन्हें फोन कर समर्थन जताया है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, उद्धव ठाकरे, हेमंत सोरेन और तेजस्वी यादव ने उनसे बात की है। उन्होंने यह भी बताया कि एक 12 सदस्यीय फैक्ट-फाइंडिंग कमेटी बनाई गई है, जो उन इलाकों का दौरा करेगी जहां पार्टी दफ्तरों पर कब्जे या तोड़फोड़ की शिकायतें मिली हैं।
चुनावी नतीजे
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, पश्चिम बंगाल में भाजपा ने 207 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि टीएमसी 80 सीटों तक सिमट गई। कांग्रेस को भी सीमित सफलता मिली, जिससे राज्य की सत्ता का समीकरण पूरी तरह बदल गया। नतीजों के बाद ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग पर भाजपा के पक्ष में काम करने का आरोप लगाया और इस्तीफा देने से इनकार कर दिया, जिससे राजनीतिक हलचल और तेज हो गई। टीएमसी प्रमुख ने आयोग और भाजपा पर करीब 100 सीटों पर धांधली के गंभीर आरोप लगाए हैं।