नई दिल्ली: दिल्ली में प्रशासनिक नेतृत्व में बदलाव के बीच वरिष्ठ राजनयिक तरनजीत सिंह संधू आज राष्ट्रीय राजधानी के 23वें उपराज्यपाल के रूप में शपथ लेंगे। शपथ ग्रहण समारोह आज दोपहर नई दिल्ली स्थित लोक निवास में आयोजित किया जाएगा। दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।
तरनजीत सिंह संधू वर्तमान उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना का स्थान लेंगे, जिन्हें हाल ही में केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख का उपराज्यपाल नियुक्त किया गया है।
आपको बता दे कि तरनजीत सिंह संधू भारतीय विदेश सेवा (IFS) के वरिष्ठ अधिकारी रहे हैं और उन्होंने 1988 बैच के राजनयिक के रूप में लंबा अनुभव हासिल किया है। वे संयुक्त राज्य अमेरिका में भारत के राजदूत भी रह चुके हैं और भारत-अमेरिका संबंधों को मजबूत बनाने में उनकी अहम भूमिका मानी जाती है। इससे पहले वे विदेश मंत्रालय में कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य कर चुके हैं और विदेश नीति से जुड़े कई रणनीतिक मामलों को संभाल चुके हैं।
दिल्ली के उपराज्यपाल के रूप में संधू की भूमिका राजधानी के प्रशासन, कानून-व्यवस्था, भूमि और कई प्रमुख विभागों के संचालन में महत्वपूर्ण मानी जाती है। राष्ट्रीय राजधानी होने के कारण दिल्ली में उपराज्यपाल का पद संवैधानिक और प्रशासनिक दृष्टि से काफी अहम होता है, क्योंकि यहां कई विषयों पर केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच समन्वय की जिम्मेदारी भी इसी पद पर होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि विदेश नीति और प्रशासनिक अनुभव रखने वाले संधू का कार्यकाल केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच तालमेल तथा राजधानी के प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।