नई दिल्ली:- वेनेजुएला में अमेरिकी सेना के सैन्य हस्तक्षेप के बाद उत्पन्न अस्थिरता पर भारत ने गहरी चिंता व्यक्त की है। विदेश मंत्रालय ने रविवार को प्रेस रिलीज जारी कर सभी पक्षों से बातचीत के जरिए शांतिपूर्ण समाधान की अपील की, ताकि क्षेत्र में स्थिरता बनी रहे। यह बयान अमेरिकी डेल्टा फोर्स द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के एक दिन बाद आया है।
मंत्रालय ने कहा, “वेनेजुएला में हाल की घटनाएं गहरी चिंता का विषय हैं। हम बदलते हालात पर करीब से नजर रख रहे हैं। भारत वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। हम सभी संबंधित पक्षों से अपील करते हैं कि वे बातचीत के जरिए शांति से मुद्दों को सुलझाएं।” मंत्रालय ने काराकास में भारतीय दूतावास के जरिए देशवासियों को हरसंभव सहायता का आश्वासन भी दिया। साथ ही, वेनेजुएला में रहने वाले भारतीयों के लिए विशेष सलाह जारी की गई है।
आपको बता दें कि शनिवार को अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला में कई स्थानों पर हमले किए, जिसमें एक डेल्टा फोर्स का सैन्य ठिकाना प्रमुख था। इन हमलों में राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को गिरफ्तार कर लिया गया। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, दोनों को एक युद्धपोत पर सवार कर न्यूयॉर्क ले जाया गया, जहां फेडरल कोर्ट में “नार्को-टेररिज्म” के गंभीर आरोप दर्ज किए गए।
अमेरिकी अटॉर्नी जनरल पाम बोंडी ने आरोप पत्र सार्वजनिक करते हुए दावा किया कि मादुरो ने दो दशकों से अधिक समय तक सत्ता का दुरुपयोग कर कोकीन की भारी खेपें अमेरिका भेजीं। अभियोग में नार्को-टेररिज्म साजिश, कोकीन आयात साजिश, हथियार अपराध आदि शामिल हैं। न्यूयॉर्क के दक्षिणी जिले के जिला कोर्ट में दाखिल इस मुकदमे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवाद खड़ा कर दिया है।
वेनेजुएला में नया नेतृत्व: डेल्सी रोड्रिगेज बनीं अंतरिम राष्ट्रपति:-
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद वेनेजुएला के सुप्रीम कोर्ट ऑफ जस्टिस ने शनिवार देर रात उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज को अंतरिम राष्ट्रपति नियुक्त करने का आदेश जारी किया। यह कदम देश में सत्ता के शून्य को भरने का प्रयास है, लेकिन विपक्षी गुटों और मादुरो समर्थकों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका है।
यह घटनाक्रम लैटिन अमेरिका में अमेरिकी हस्तक्षेप की पुरानी नीति को दर्शाता है, जो वेनेजुएला के आर्थिक संकट और मानवीय आपदा को गहरा सकता है। मादुरो के खिलाफ “नार्को-टेररिज्म” आरोप अमेरिका की घरेलू राजनीति से जुड़े हो सकते हैं, खासकर ड्रग तस्करी विरोधी अभियान के तहत। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय कानून विशेषज्ञों का मानना है कि बिना संयुक्त राष्ट्र की मंजूरी के सैन्य कार्रवाई विवादास्पद है और क्षेत्रीय तनाव बढ़ा सकती है।
वहीं इस मुद्दे पर भारत की प्रतिक्रिया संतुलित और तटस्थ है, जो वैश्विक मंच पर उसकी बढ़ती कूटनीतिक परिपक्वता को दिखाती है। भारत ने पहले भी वेनेजुएला के साथ तेल व्यापार और ऊर्जा सहयोग बनाए रखा है। यह अपील न केवल शांति की दिशा में है, बल्कि भारतीय समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाली भी। आने वाले दिनों में संयुक्त राष्ट्र(UN) और क्षेत्रीय संगठनों जैसे ओएएस(OAS) की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।