नामांकन रद्द करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ, मीनाक्षी के समर्थन में उतरे सिंघवी

नामांकन रद्द करना लोकतांत्रिक प्रक्रिया के खिलाफ, मीनाक्षी के समर्थन में उतरे सिंघवी

मध्य प्रदेश, June 10, (Political Insight) : मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र रद्द किए जाने के मामले ने राजनीतिक और कानूनी विवाद को और तेज कर दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने इस फैसले को कानून के विरुद्ध और पक्षपातपूर्ण करार दिया है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने इसे लोकतंत्र की हत्या और “सीट चोरी” तक बता दिया है।

अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ कोई आपराधिक मामला लंबित नहीं है। सिंघवी ने कहा, जिस मामले का हवाला देकर नामांकन पत्र खारिज किया गया, उसमें केवल अदालत की ओर से नोटिस जारी हुआ है। किसी भी निजी शिकायत (प्राइवेट कंप्लेंट) के आधार पर तब तक आपराधिक मामला अस्तित्व में नहीं माना जाता, जब तक संबंधित अदालत या न्यायाधीश उस पर संज्ञान नहीं ले लेते।

सिंघवी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई जा सकती है, लेकिन केवल शिकायत दाखिल हो जाने से उसे वैध आपराधिक मामला नहीं माना जा सकता। उन्होंने तर्क दिया कि नटराजन के मामले में अदालत ने अभी तक कोई सुनवाई नहीं की है और न ही संज्ञान लेने का फैसला हुआ है। ऐसे में इस आधार पर उनका नामांकन पत्र खारिज करना कानूनन उचित नहीं है।

कांग्रेस सांसद ने रिटर्निंग ऑफिसर के फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह निर्णय कानून की स्थापित व्याख्याओं और न्यायिक सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने मांग की कि फैसले पर पुनर्विचार करते हुए मीनाक्षी नटराजन का नामांकन स्वीकार किया जाना चाहिए।

वहीं, दिग्विजय सिंह ने भी नामांकन रद्द किए जाने के फैसले की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र खारिज करना पूरी तरह अवैधानिक है। सिंह के अनुसार, जिस प्रकरण का हवाला दिया गया है, उसमें न तो कोई एफआईआर दर्ज है और न ही कोई आपराधिक मामला कायम हुआ है। केवल एक नोटिस जारी हुआ था, जिसका उल्लेख नामांकन पत्र में करना अनिवार्य नहीं है।

दिग्विजय सिंह ने आरोप लगाया कि यह फैसला लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और राज्यसभा की सीट छीनने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे पर अपना संघर्ष जारी रखेगी और कानूनी विकल्पों पर भी विचार करेगी। मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने के बाद राज्यसभा चुनाव को लेकर मध्य प्रदेश की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। अब इस मामले में चुनाव आयोग और संभावित कानूनी कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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