कोलकाता, June 8, (Political Insight): पश्चिम बंगाल की राजनीति में तृणमूल कांग्रेस (TMC) की मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। TMC को एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी के लंबे समय से करीबी सहयोगी रहे राज्यसभा सांसद सुखेंदु शेखर रे ने तृणमूल कांग्रेस की सदस्यता छोड़ने के साथ-साथ राज्यसभा सांसद पद से भी इस्तीफा दे दिया है। उनके इस कदम ने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है और पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
जानकारी के अनुसार, सुखेंदु शेखर रे रविवार सुबह संसद पहुंचे और अपना इस्तीफा सौंप दिया। इसके साथ ही उन्होंने तृणमूल कांग्रेस से भी नाता तोड़ लिया। हालांकि फिलहाल उन्होंने अपने अगले राजनीतिक कदम को लेकर कोई संकेत नहीं दिया है और यह स्पष्ट नहीं है कि वे किसी अन्य दल में शामिल होंगे या नहीं।
सुखेंदु शेखर का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद तृणमूल कांग्रेस आंतरिक चुनौतियों और असंतोष का सामना कर रही है। पार्टी के कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच नाराजगी की खबरें लगातार सामने आ रही हैं, जिससे संगठन की एकजुटता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
सुखेंदु शेखर रे को ममता बनर्जी के भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता रहा है। वर्ष 2011 में तृणमूल कांग्रेस के सत्ता में आने के बाद से उन्होंने पार्टी और ममता बनर्जी के साथ हर महत्वपूर्ण राजनीतिक मोर्चे पर भूमिका निभाई थी। ऐसे में उनका इस्तीफा पार्टी के लिए राजनीतिक और प्रतीकात्मक दोनों रूपों में बड़ा झटका माना जा रहा है।
इसी बीच तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ सांसद सौगत रॉय ने दावा किया कि उन्हें भारतीय जनता पार्टी (BJP) में शामिल होने का प्रस्ताव मिला था, लेकिन उन्होंने इसे अस्वीकार कर दिया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि वे उसी पार्टी के साथ बने रहेंगे, जिसके चुनाव चिह्न पर उन्होंने जीत हासिल की है।
गौरतलब है कि यह पूरा घटनाक्रम उस समय सामने आया है, जब ममता बनर्जी विपक्षी गठबंधन INDIA की बैठक में भाग लेने के लिए दिल्ली में मौजूद हैं। ऐसे में पार्टी के एक वरिष्ठ सांसद का इस्तीफा तृणमूल कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से असहज स्थिति पैदा कर सकता है। सुखेंदु शेखर रे का यह फैसला न केवल पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष की ओर इशारा करता है, बल्कि तृणमूल कांग्रेस की भविष्य की रणनीति और संगठनात्मक मजबूती को लेकर भी कई सवाल खड़े करता है।