चेन्नई, June 1, (Political Insight) : तमिलनाडु भाजपा में बड़े राजनीतिक बदलाव की चर्चा तेज हो गई है। पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के. अन्नामलाई के पार्टी छोड़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अन्नामलाई जल्द ही इस संबंध में बड़ा फैसला ले सकते हैं। जानकारी के अनुसार, अन्नामलाई चेन्नई से दिल्ली लिए रवाना हो गए हैं, दिल्ली पहुंचकर अन्नामलाई भाजपा के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेंगे। इसके बाद उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकती है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अन्नामलाई एक जनआंदोलन शुरू करने की तैयारी में हैं। राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि यह आंदोलन आगे चलकर एक नए राजनीतिक दल का रूप भी ले सकता है। हालांकि, इस बारे में अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
अन्नामलाई को लंबे समय तक तमिलनाडु में भाजपा का सबसे प्रमुख चेहरा माना जाता रहा। पार्टी ने उन्हें राज्य में भाजपा का जनाधार बढ़ाने की जिम्मेदारी दी थी। लेकिन उनके आक्रामक राजनीतिक रुख के कारण भाजपा और उसके सहयोगी दल AIADMK के बीच कई बार तनाव की स्थिति बनी।
अन्नामलाई ने कई मौकों पर AIADMK नेताओं और पार्टी की दिवंगत नेता जे जयललिता को लेकर टिप्पणियां की थीं, जिससे दोनों दलों के रिश्ते खराब हुए। माना जाता है कि यही तनाव 2023 में भाजपा और AIADMK के गठबंधन टूटने की एक बड़ी वजह बना। इसके बाद भाजपा नेतृत्व ने हस्तक्षेप किया। 2025 में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने AIADMK को दोबारा NDA में शामिल कराया और अन्नामलाई की जगह नैनार नागेंद्रन को तमिलनाडु भाजपा का अध्यक्ष बनाया गया। अन्नामलाई ने 2026 का विधानसभा चुनाव भी नहीं लड़ा।
हाल के दिनों में अन्नामलाई के कुछ बयानों ने भी चर्चाओं को हवा दी है। उन्होंने CBSE की तीन-भाषा नीति के क्रियान्वयन पर सवाल उठाए थे, जिसे भाजपा की आधिकारिक लाइन से अलग रुख माना गया। इन घटनाक्रमों के बीच तमिलनाडु की राजनीति में अन्नामलाई की अगली रणनीति को लेकर उत्सुकता बढ़ गई है। अब सभी की नजरें उनकी दिल्ली यात्रा और संभावित राजनीतिक फैसले पर टिकी हैं।