कोलकत्ता, May 14, (Political Insight) : पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद राज्य में सियासी उथल-पुथल लगातार जारी है। मतगणना के बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC) के कार्यकर्ताओं, नेताओं और पार्टी कार्यालयों पर कथित हमलों के मामले में टीएमसी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में जनहित याचिका (PIL) दायर की है। गुरुवार को पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी चुनाव बाद हिंसा से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान कलकत्ता हाईकोर्ट पहुंचीं। वह मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल की अदालत में वकील की पोशाक में नजर आईं।
यह याचिका टीएमसी नेता और वरिष्ठ वकील कल्याण बनर्जी के पुत्र शिरशन्या बंदोपाध्याय द्वारा दायर की गई है। जानकारी के अनुसार, ममता बनर्जी स्वयं इस मामले की पैरवी कर रही हैं।
गौरतलब है कि इससे पहले भी टीएमसी प्रमुख चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनौती देने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पेश हो चुकी हैं। उस दौरान ममता बनर्जी ने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले चुनाव आयोग उन्हें राजनीतिक रूप से निशाना बना रहा है। इस मामले में भी उन्हें अदालत में पैरवी करते देखा गया था।
ममता बनर्जी ने वर्ष 1982 में जोगेश चंद्र चौधरी लॉ कॉलेज से कानून की पढ़ाई पूरी की थी। अपने शुरुआती दौर से ही वह राजनीति में सक्रिय रहीं और कांग्रेस की छात्र इकाई के लिए प्रचार अभियान में हिस्सा लिया करती थीं।
बता दें कि मुख्य न्यायाधीश सुजॉय पॉल की अध्यक्षता वाली खंडपीठ कोलकाता, मुर्शिदाबाद समेत कई इलाकों में हुई चुनाव बाद हिंसा से जुड़ी विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई कर रही है। राज्य की मौजूदा राजनीतिक स्थिति को देखते हुए अब सबकी नजरें ममता बनर्जी और हाईकोर्ट की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
Our Hon’ble Chairperson Smt @MamataOfficial personally reached the Calcutta High Court today to argue in a matter concerning the widespread post-poll violence unleashed across Bengal by @BJP4Bengal.
Once again, she has shown what truly sets her apart –
She NEVER abandons the… pic.twitter.com/8OkszMxaYa
— All India Trinamool Congress (@AITCofficial) May 14, 2026