नई दिल्ली,2 अप्रैल (Political Insight)- गुरुवार को सोने और चांदी की कीमतों में अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिली, जिससे बाजार में हलचल मच गई। आमतौर पर जब दुनिया में तनाव बढ़ता है तो लोग सोने को सुरक्षित निवेश मानकर खरीदते हैं, लेकिन इस बार उल्टा देखने को मिला।
दरअसल, इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का हालिया बयान रहा। लोगों को उम्मीद थी कि मध्य-पूर्व में चल रहे तनाव को लेकर कोई राहत भरी खबर आएगी या संघर्ष खत्म होने के संकेत मिलेंगे। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ। ट्रंप ने कहा कि हालात जल्द संभल सकते हैं, लेकिन साथ ही यह भी चेतावनी दे दी कि अमेरिका अगले 2 से 3 हफ्तों में ईरान पर बड़ा हमला कर सकता है। इसी बयान ने निवेशकों को कन्फ्यूज कर दिया।
सोने के दाम में गिरावट
अगर आसान भाषा में समझें, तो मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने की कीमत में करीब 2.3% की गिरावट आई। इसका मतलब है कि सोना करीब 3,500 रुपये तक सस्ता हो गया। सुबह के समय इसकी कीमत गिरकर लगभग 1,50,000 रुपये के आसपास पहुंच गई थी। हालांकि दिन में थोड़ी रिकवरी भी दिखी, लेकिन कुल मिलाकर गिरावट बनी रही।
चांदी में और ज्यादा असर
वहीं, चांदी की कीमतों में और भी बड़ी गिरावट देखी गई। चांदी करीब 5.5% तक गिर गई, यानी इसकी कीमत में 13,000 रुपये से ज्यादा की कमी आई। यह गिरावट इस बात का संकेत है कि बाजार में अनिश्चितता काफी ज्यादा है और निवेशक फिलहाल जोखिम लेने से बच रहे हैं।
विदेशी बाजारों का भी असर
सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी यही ट्रेंड देखने को मिला। अमेरिका के COMEX बाजार में सोना और चांदी दोनों सस्ते हुए। जब वैश्विक बाजारों में गिरावट आती है, तो उसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ता है।
आम आदमी के लिए क्या मतलब है?
अब सबसे जरूरी सवाल इसका आम लोगों पर क्या असर पड़ेगा?
अगर आप सोना या चांदी खरीदने की सोच रहे हैं, तो यह समय आपके लिए अच्छा हो सकता है क्योंकि कीमतें नीचे आई हैं। लेकिन अगर आपने पहले ही ज्यादा दाम पर खरीदारी की है, तो फिलहाल नुकसान महसूस हो सकता है।
आगे क्या हो सकता है?
गौरतलब है कि आने वाले दिनों में सब कुछ इस बात पर निर्भर करेगा कि मध्य-पूर्व की स्थिति कैसी रहती है। अगर तनाव बढ़ता है, तो सोना फिर से महंगा हो सकता है। वहीं, अगर हालात सुधरते हैं, तो कीमतें और गिर सकती हैं।
कुल मिलाकर, अभी बाजार में काफी उतार-चढ़ाव है। ऐसे में जल्दबाजी में निवेश करने के बजाय सोच-समझकर फैसला लेना ही समझदारी होगी।