पश्चिम बंगाल में आज जारी होगी पहली पूरक मतदाता सूची

पश्चिम बंगाल में आज जारी होगी पहली पूरक मतदाता सूची

कोलकाताः- पश्चिम बंगाल के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज कुमार अग्रवाल ने जानकारी दी है कि निर्वाचन आयोग आज विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया के तहत पहली पूरक मतदाता सूची प्रकाशित करेगा। इस सूची में उन मतदाताओं के नाम शामिल किए गए हैं, जिनके दस्तावेजों का पूर्ण सत्यापन हो चुका है और जिनके आवेदन अब तक निर्णय के लिए लंबित थे।

निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार, अब तक करीब 27 लाख लंबित मतदाताओं के रिकॉर्ड का संशोधन किया जा चुका है, जबकि प्रतिदिन लगभग 2 लाख नामों के सत्यापन और सुधार की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों का कहना है कि यह प्रक्रिया मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से तेज़ी से आगे बढ़ाई जा रही है।

सूची जारी होने के बाद मतदाता किसी भी प्रकार की आपत्ति या त्रुटि के लिए निर्वाचन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट, ECI Net App के माध्यम से या संबंधित जिला एवं उप-मंडल कार्यालयों में जाकर अपील कर सकते हैं। इसके लिए निर्धारित समय सीमा भी तय की जाएगी, ताकि समयबद्ध तरीके से शिकायतों का निपटारा हो सके।

आपको बता दे कि, सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में राज्य के 23 जिलों में 19 अपील न्यायाधिकरण स्थापित किए गए हैं। इन न्यायाधिकरणों में उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को नियुक्त किया गया है, ताकि निष्पक्ष और पारदर्शी सुनवाई सुनिश्चित की जा सके। जिन मतदाताओं के नाम पूरक सूची से हटाए गए हैं, वे इन न्यायाधिकरणों के समक्ष अपील कर सकते हैं।

निर्वाचन आयोग ने यह भी स्पष्ट किया है कि अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित होने से पहले सभी दावों और आपत्तियों पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही, बूथ स्तर के अधिकारियों (BLO) को घर-घर जाकर सत्यापन प्रक्रिया को और मजबूत करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रह जाए।

इस बीच,कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया है कि इस पूरक सूची से जुड़ी प्रक्रिया को अनावश्यक रूप से जटिल बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री इस मुद्दे को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रही हैं, जिससे आम मतदाताओं को परेशानी हो रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी चुनावों को देखते हुए मतदाता सूची का सटीक और पारदर्शी होना बेहद महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह सीधे तौर पर चुनाव की निष्पक्षता और विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ है। निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से अपील की है कि वे समय रहते अपने विवरण की जांच कर आवश्यक सुधार सुनिश्चित करें, ताकि मतदान के दिन किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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