नई दिल्लीः- PM मोदी आज राजधानी नई दिल्ली में आयोजित ‘इंडिया AI समिट 2026’ के अवसर पर कई वैश्विक नेताओं से द्विपक्षीय मुलाकात करेंगे। यह उच्चस्तरीय बैठकें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जिम्मेदार और समावेशी उपयोग को लेकर अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा देने के उद्देश्य से की जा रही हैं।
प्रधानमंत्री मोदी जिन नेताओं से मुलाकात करेंगे, उनमें पेड्रो सांचेज़ (स्पेन), पेटेरी ऑर्पो (फिनलैंड), अलेक्जेंडर वुसिक (सर्बिया), आंद्रेज प्लेनकोविच (क्रोएशिया), अलार कारिस (एस्टोनिया), दाशो शेरिंग तोबगे (भूटान) और ओल्ज़हास बेकतेनोव (कजाकिस्तान) शामिल हैं। इन बैठकों में डिजिटल सहयोग, AI गवर्नेंस, डेटा सुरक्षा, साइबर सुरक्षा और स्टार्टअप इकोसिस्टम जैसे विषय प्रमुख रहेंगे।
आपको बता दे कि इस इंडिया AI समिट में भाग लेने के लिए विश्व के विभिन्न देशों के शीर्ष नेता भारत पहुंच चुके हैं। एब्बा बुश, जो स्वीडन की उपप्रधानमंत्री एवं ऊर्जा, व्यवसाय और उद्योग मंत्री हैं, बुधवार सुबह नई दिल्ली पहुंचीं। वहीं फिनलैंड के प्रधानमंत्री पेटेरी ऑर्पो भी भारत पहुंचे। डेविड लैमी यूनाइटेड किंगडम से मंगलवार देर रात दिल्ली पहुंचे। विदेश मंत्रालय ने इन सभी नेताओं का औपचारिक स्वागत किया।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत-स्वीडन संबंध व्यापार, हरित प्रौद्योगिकी, नवाचार और शिक्षा के क्षेत्रों में निरंतर सुदृढ़ हो रहे हैं। फिनलैंड के साथ डिजिटल तकनीक, AI, स्थिरता और स्किल डेवलपमेंट में सहयोग को नई गति मिलने की उम्मीद है। वहीं भारत-यूके व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत विश्वसनीय और जिम्मेदार एआई को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया जाएगा।
‘मानवता के लिए AI पर वैश्विक विमर्शः-
इस पांच दिवसीय ‘इंडिया-एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ में 110 से अधिक देशों, 30 अंतरराष्ट्रीय संगठनों, करीब 20 राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख स्तर के प्रतिनिधियों और लगभग 45 मंत्रियों की भागीदारी हो रही है। सम्मेलन का केंद्रीय विषय ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की भावना के अनुरूप ‘मानवता के लिए एआई’ है।
समिट में AI के नैतिक ढांचे, वैश्विक नियामक मानकों, डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना (DPI), स्टार्टअप सहयोग, कौशल विकास, रोजगार सृजन और एआई आधारित नवाचार को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा होगी। साथ ही, AI के दुरुपयोग, डीपफेक, साइबर खतरों और डेटा गोपनीयता जैसे संवेदनशील मुद्दों पर भी मंथन किया जाएगा।
AI समिट श्रृंखला का चौथा संस्करणः-
आपको बता दे कि यह सम्मेलन वैश्विक AI समिट श्रृंखला का चौथा संस्करण है। इससे पहले यह आयोजन ब्लेचली पार्क (UK) 2023, दक्षिण कोरिया 2024 और फ्रांस 2025 में आयोजित हो चुका है। नई दिल्ली में हो रहा यह संस्करण विकासशील देशों की भागीदारी और वैश्विक दक्षिण की आवाज को प्रमुखता देने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
भारत की भूमिका पर वैश्विक नजरः-
विशेषज्ञों के अनुसार, भारत तेजी से उभरती डिजिटल अर्थव्यवस्था और मजबूत आईटी पारिस्थितिकी तंत्र के कारण AI के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व की ओर अग्रसर है। सरकार द्वारा राष्ट्रीय एआई मिशन, सेमीकंडक्टर विनिर्माण, डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप इंडिया जैसी पहलों के माध्यम से AI आधारित नवाचार को संस्थागत समर्थन दिया जा रहा है।
इस समिट से न केवल बहुपक्षीय सहयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है, बल्कि भारत को वैश्विक AI गवर्नेंस के केंद्र में स्थापित करने की दिशा में भी यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।