नई दिल्ली, May 29 (Political Insight) : नई दिल्ली में आयोजित राष्ट्रीय कृषि सम्मेलन-खरीफ अभियान 2026 के दूसरे दिन केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने राज्यों के कृषि मंत्रियों, वैज्ञानिकों, अधिकारियों और प्रगतिशील किसानों के साथ कृषि विकास पर गहन चर्चा की। उन्होंने कहा कि अब खेती को नई दिशा देने के लिए नीति, नवाचार और निष्ठा के साथ समयबद्ध और किसान-केंद्रित काम करना जरूरी है।
सम्मेलन में कई राज्यों के कृषि मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों की भागीदारी रही, जिससे इसे “टीम इंडिया” जैसी एकीकृत कृषि बैठक का स्वरूप मिला। इसमें केंद्रीय कृषि राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर और भागीरथ चौधरी भी मौजूद रहे। शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि भारत ने खाद्यान्न उत्पादन में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है और अब देश आत्मनिर्भरता से आगे बढ़कर वैश्विक नेतृत्व की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने किसानों, वैज्ञानिकों और राज्यों के सहयोग को इस सफलता का आधार बताया।
केंद्रीय मंत्री ने स्पष्ट कहा कि अब लक्ष्य केवल उत्पादन बढ़ाना नहीं, बल्कि किसानों की आय बढ़ाना, खेती को लाभकारी बनाना और पोषण सुरक्षा को मजबूत करना है। उन्होंने दलहन, तिलहन और कपास मिशन की समीक्षा तेज करने की जरूरत पर जोर दिया। बीज उपलब्धता, उर्वरक प्रबंधन और मृदा स्वास्थ्य कार्ड के प्रभावी उपयोग पर भी उन्होंने विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने “खेत बचाओ अभियान” को जनभागीदारी वाला बड़ा कार्यक्रम बनाने की अपील की।
केंद्रीय मंत्री ने नकली बीज और कीटनाशकों पर सख्त कार्रवाई, कृषि ऋण की आसान उपलब्धता, फसल बीमा के समयबद्ध भुगतान और कृषि मशीनरी के सही उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि कृषि विज्ञान केंद्र, एफपीओ और कृषि विश्वविद्यालय मिलकर किसानों तक तकनीक और नवाचार पहुंचाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। अंत में उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य मिलकर भारत को कृषि क्षेत्र में वैश्विक मॉडल बनाएंगे।