बजट 2026-27: केरल में उच्च शिक्षा मुफ्त करने की दिशा में ऐतिहासिक फैसला

बजट 2026-27: केरल में उच्च शिक्षा मुफ्त करने की दिशा में ऐतिहासिक फैसला

तिरुवनंतपुरम:- केरल राज्य सरकार ने अपने बजट 2026–27 में शिक्षा क्षेत्र को लेकर कई अहम और दूरगामी घोषणाएं की हैं। वित्त मंत्री के.एन. बालगोपाल ने शिक्षा को और अधिक सुलभ बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए ऐलान किया कि राज्य के आर्ट्स और साइंस कॉलेजों में ग्रेजुएशन की पढ़ाई पूरी तरह मुफ्त होगी। सरकार ने इसे राज्य में कक्षा 12 तक पहले से लागू मुफ्त शिक्षा व्यवस्था का विस्तार बताया है।

अपने बजट भाषण में वित्त मंत्री ने कहा कि इस फैसले का उद्देश्य उच्च शिक्षा तक छात्रों की पहुंच बढ़ाना और आर्थिक कारणों से पढ़ाई छोड़ने की प्रवृत्ति को रोकना है। सरकार ने उच्च शिक्षा विभाग के अंतर्गत कार्यरत विश्वविद्यालयों के प्रभावी संचालन के लिए 259.09 करोड़ रुपये के आवंटन का भी प्रावधान किया है।

इसके अलावा, उच्च शिक्षा परिषद की सिफारिशों को लागू करने और चार वर्षीय डिग्री कार्यक्रमों को प्रभावी रूप से शुरू करने के लिए 851.46 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। सरकार का मानना है कि इससे शिक्षा प्रणाली को राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप ढाला जा सकेगा और छात्रों को बहु-विषयक व रोजगारोन्मुख शिक्षा मिलेगी।

शिक्षा क्षेत्र में एक और महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए वित्त मंत्री ने बताया कि राज्य के गरीबी रेखा से नीचे (BPL) वर्ग के हायर सेकेंडरी छात्रों के लिए नई स्कॉलरशिप योजना शुरू की जाएगी। इसके लिए 7.9 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को पढ़ाई जारी रखने में मदद मिलेगी।

इस राज्य बजट में मुफ्त यूनिफॉर्म वितरण योजना को भी मजबूती दी गई है। इसके तहत 150.34 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस राशि में से 70 करोड़ रुपये हथकरघा निदेशालय को दिए जाएंगे, ताकि राज्य के सरकारी और सहायता प्राप्त एलपी (Lower Primary) और यूपी (Upper Primary) स्कूलों के सभी छात्रों को दो सेट यूनिफॉर्म उपलब्ध कराए जा सकें। इससे न केवल छात्रों को लाभ मिलेगा, बल्कि स्थानीय हथकरघा उद्योग को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

वित्त मंत्री ने समग्र शिक्षा केरल योजना के लिए 55 करोड़ रुपये और इसके तहत विभिन्न परियोजनाओं के लिए अतिरिक्त 23 करोड़ रुपये आवंटित करने की भी घोषणा की। इसका उद्देश्य स्कूल शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना है।

इसके साथ ही, राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT) को उसकी विभिन्न गतिविधियों के लिए 21.25 करोड़ रुपये से अधिक का आवंटन किया गया है। इसमें स्पोर्ट्स स्कूलों के लिए नई पाठ्यपुस्तकों का मसौदा तैयार करना, डिजिटल पाठ्यपुस्तकों की तैयारी और पाठ्यक्रम सुधार से जुड़े कार्य शामिल हैं।

बजट के अन्य अहम बिंदुओं में शिक्षा के साथ-साथ स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर भी सरकार का विशेष फोकस देखने को मिला है। सरकार का कहना है कि शिक्षा में किया गया यह निवेश राज्य के मानव संसाधन विकास को मजबूत करेगा और लंबे समय में सामाजिक व आर्थिक प्रगति को गति देगा। केरल ऐसा करने वाला राज्य का पहला राज्य बन गया है।

ये भी पढ़ें-

Related Posts

बंगाल चुनाव 2026: कांग्रेस की 5 बड़ी गारंटी, महिलाओं से युवाओं तक हर वर्ग को साधने की रणनीति

पश्चिम बंगाल में कांग्रेस ने 5 बड़ी गारंटी का ऐलान किया है, जिसमें मुफ्त शिक्षा, ₹10 लाख स्वास्थ्य बीमा, किसानों और महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता शामिल है। कोलकाता, 15…

बिहार की राजनीति के ‘चौधरी’ बने सम्राट, शुरू हुआ BJP युग

पटना, 15 Apr, (Political Insight): बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है। सम्राट चौधरी को सर्वसम्मति से बिहार विधानसभा में भारतीय जनता पार्टी (BJP) विधायक दल…