नई दिल्लीः- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को मीडिया ब्रीफिंग में कहा कि संसद का बजट सत्र विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ पर फोकस करते हुए लंबे समय से लंबित मुद्दों के स्थायी समाधान की ओर आगे बढ़ रही है।
संसद परिसर में बजट सत्र की शुरुआत के मौके पर मीडिया को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के अभिभाषण का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति का अभिभाषण 140 करोड़ भारतीयों के आत्मविश्वास और आकांक्षाओं को दर्शाता है। पीएम मोदी ने उम्मीद जताई कि सभी सांसद राष्ट्रपति द्वारा व्यक्त की गई अपेक्षाओं को गंभीरता से लेंगे और सत्र की कार्यवाही में सकारात्मक योगदान देंगे।
‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ पर फोकस होने पर बलः-
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि यह बजट सत्र कई मायनों में अहम है और सरकार की नीति ‘रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म’ पर आधारित है। उन्होंने कहा कि भारत–यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर प्रगति के साथ सत्र की शुरुआत एक महत्वाकांक्षी, आत्मविश्वासी और आत्मनिर्भर भारत की भावना को दर्शाती है।
PM मोदी ने कहा कि आत्मविश्वास से भरा भारत आज दुनिया के लिए आशा की किरण और आकर्षण का केंद्र बन चुका है। भारत–EU मुक्त व्यापार समझौता देश के युवाओं, किसानों, मछुआरों और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों के लिए बड़े अवसर लेकर आया है। उन्होंने भारतीय उत्पादकों से अपील की कि खुले वैश्विक बाजार का लाभ उठाते हुए गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें और प्रतिस्पर्धी कीमतों पर अपने उत्पाद अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाएं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बाजार खुलने के साथ गुणवत्ता सर्वोपरि है और 27 देशों के साथ हुआ यह समझौता भारत के लिए नए अवसरों के द्वार खोलता है। उन्होंने विश्वास जताया कि भारतीय निर्माता अपनी क्षमताओं का विस्तार कर वैश्विक स्तर पर मजबूत उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
सरकार ने तेजी से ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ की शुरुआतः- PM मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि देश का ध्यान स्वाभाविक रूप से बजट पर है, लेकिन सरकार की पहचान सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने तेजी से ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ की शुरुआत की है और सांसदों के सकारात्मक योगदान से यह अब गति पकड़ रही है।
यह समय व्यवधान का नहीं, समाधान काः- PM मोदी
प्रधानमंत्री ने कहा कि यह समय व्यवधान का नहीं, समाधान का है। सरकार का हर फैसला विकास, प्रगति और इंसान-केंद्रित दृष्टिकोण पर आधारित है। उन्होंने कहा कि तकनीक को अपनाया जाएगा, लेकिन मानवीय मूल्यों और संवैधानिक आदर्शों से समझौता नहीं किया जाएगा। प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी कहा कि 21वीं सदी का एक-चौथाई हिस्सा बीत चुका है और देश अब विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अगले 25 वर्षों की निर्णायक यात्रा पर निकल पड़ा है। यह अवधि भारत की वैश्विक भूमिका और भविष्य की दिशा तय करेगी।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वह लगातार नौवीं बार केंद्रीय बजट पेश करने जा रही हैं, जो भारत के संसदीय इतिहास में एक महत्वपूर्ण और गौरवशाली उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में आलोचना और अलग-अलग विचार स्वाभाविक हैं, लेकिन यह व्यापक रूप से स्वीकार किया गया है कि सरकार ने अंतिम छोर तक योजनाओं की डिलीवरी को प्राथमिकता दी है। योजनाएं केवल फाइलों तक सीमित न रहकर लोगों की जिंदगी तक पहुंचें, यही सरकार का उद्देश्य है।
भारत की वैश्विक प्रासंगिकता पर जोर देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि आज भारत का लोकतंत्र और जनसंख्या दुनिया के लिए बड़ी उम्मीद हैं। उन्होंने कहा कि दुनिया भारत की क्षमताओं, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उसकी प्रतिबद्धता और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के जरिए लिए गए फैसलों की विश्वसनीयता को पहचान रही है और उसका स्वागत कर रही है।
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