नई दिल्लीः- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ हालिया समझौता वैश्विक स्तर पर ‘मदर ऑफ ऑल डील’ के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह मुक्त व्यापार समझौता (FTA) भारत के 140 करोड़ लोगों और यूरोपीय देशों की बड़ी आबादी के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगा।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह बात सोमवार को दक्षिण गोवा में आयोजित भारत ऊर्जा सप्ताह (इंडिया एनर्जी वीक–2026) के चौथे संस्करण का वर्चुअली उद्घाटन करते हुए कही।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच हुआ यह समझौता दुनिया की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच मजबूत तालमेल का उदाहरण है। उन्होंने बताया कि यह समझौता वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के लगभग 25 प्रतिशत और वैश्विक व्यापार के करीब एक-तिहाई हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है। इसके साथ ही यह केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि लोकतंत्र और कानून के शासन के प्रति साझा प्रतिबद्धता को भी मजबूत करता है।
125 देशों के प्रतिनिधि भारत ऊर्जा सप्ताह में शामिलः-
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने सम्बोधन में बताया कि गोवा में आयोजित भारत ऊर्जा सप्ताह के इस संस्करण में दुनिया के करीब 125 देशों के प्रतिनिधि हिस्सा ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह मंच ऊर्जा सुरक्षा और टिकाऊ भविष्य को लेकर वैश्विक संवाद का केंद्र बन चुका है। उन्होंने कहा कि इंडिया एनर्जी वीक बहुत कम समय में संवाद और ठोस कार्रवाई का एक महत्वपूर्ण वैश्विक प्लेटफॉर्म बनकर उभरा है। भारत आज ऊर्जा क्षेत्र में बड़ेअवसरों की भूमि है और दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है।
ऊर्जा क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिकाः-
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत न केवल वैश्विक मांग को पूरा करने की क्षमता रखता है, बल्कि आज वह दुनिया के शीर्ष पांच पेट्रोलियम उत्पाद निर्यातकों में शामिल है। भारत के पेट्रोलियम उत्पादों का निर्यात 150 से अधिक देशों तक होता है।
उन्होंने कहा कि भारत की ये क्षमताएं वैश्विक साझेदारों के लिए बेहद उपयोगी हैं और इंडिया एनर्जी वीक जैसे मंच साझेदारी को आगे बढ़ाने के लिए उपयुक्त अवसर प्रदान करते हैं। प्रधानमंत्री ने सभी अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधियों का भारत में स्वागत और अभिनंदन भी किया।
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