नई दिल्ली:- राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्रपति भवन सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित विशेष समारोह में ‘स्किल द नेशन’ चैलेंज का उद्घाटन किया। यह पहल युवाओं को भविष्योन्मुखी कौशल कार्यक्रमों में सक्रिय सहभागिता हेतु प्रोत्साहित करने पर केंद्रित है।
राष्ट्रपति ने उसी अवसर पर ओडिशा के रायरांगपुर में इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (IGNOU) के क्षेत्रीय केंद्र का आभासी उद्घाटन किया। उत्तरी ओडिशा में कौशल-प्रधान शिक्षा एवं प्रशिक्षण को सुदृढ़ करने वाला यह केंद्र स्थानीय रोजगार अवसरों का विस्तार करेगा।
कौशल मंत्रालय का आयोजन: यह समारोह कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय द्वारा संचालित था। यह ‘स्किल इंडिया मिशन’ के अंतर्गत ‘स्किलिंग फॉर एआई रेडीनेस‘ (SOAR) अभियान का अंग है, जो भारतीय कार्यबल को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) युग के लिए समर्थ बनाएगा। राष्ट्रपति ने छात्रों, सांसदों सहित अनेक हितधारकों को एआई प्रमाणपत्र प्रदान किए।
राष्ट्रपति ने आपने उद्बोधन कहा कि एआई वैश्विक अर्थव्यवस्थाओं एवं समाजों का पुनर्निर्माण कर रहा है। भारत हेतु यह न केवल प्रौद्योगिकी, अपितु विशाल अवसर है। भारत का दृष्टिकोण प्रौद्योगिकी को मानव-केंद्रित रखते हुए सामाजिक-आर्थिक-सांस्कृतिक विभेदों को न्यूनतम करने का रहा है। एआई लाभ हाशिए के समुदायों तक पहुंचाने आवश्यक है।
युवाओं को संदेश देते हुए राष्ट्रपति ने प्रौद्योगिकी, ज्ञान एवं कौशलों का समाज-सेवा, समस्या-समाधान एवं सशक्तिकरण हेतु उपयोग करने का निर्देश दिया। एआई शिक्षण मॉड्यूल पूर्ण करने वाले सांसदों की प्रशंसा की, जो नेतृत्व का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करते हैं।
आर्थिक प्रभाव: राष्ट्रपति ने उल्लेख किया कि एआई भारतीय अर्थव्यवस्था का प्रमुख वृद्धि चालक उभर रहा है, जो सकल घरेलू उत्पाद, रोजगार एवं उत्पादकता में योगदान देगा। डेटा विज्ञान, एआई अभियांत्रिकी एवं विश्लेषण जैसे कौशल राष्ट्रीय एआई प्रतिभा को सुदृढ़ करेंगे। सरकार संस्थागत, औद्योगिक एवं शैक्षणिक सहयोग से उत्तरदायी एआई पारिस्थितिकी का निर्माण कर रही है।