नई दिल्लीः- वर्ष 2025 भारतीय सेना के लिए अभियानों को सफलतापूर्वक अंजाम देने और शत्रु को निष्प्रभावी करने का स्वर्णिम अध्याय साबित हुआ। पहलगाम आतंकी हमले के बाद मई में शुरू हुए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में सीमा-पार नौ आतंकी शिविरों को पूरी तरह नष्ट कर दिया गया, जबकि सात अन्य को निष्प्रभावी बना दिया गया। इन सटीक और समयबद्ध हमलों ने शत्रु पक्ष को पंगु बना दिया तथा संघर्ष को नियंत्रित रखा।
नियंत्रण रेखा (LoC) के निकट एक दर्जन से अधिक आतंकी लॉन्च पैड भी ध्वस्त किए गए। अभियान में ब्रह्मोस मिसाइल प्रणाली और पिनाका रॉकेट सिस्टम की क्षमता का शानदार प्रदर्शन हुआ। दक्षिणी कमांड की ब्रह्मोस इकाई ने युद्धक मिसाइल दागी, जबकि पिनाका का परीक्षण भी पूर्ण सफल रहा। इस वर्ष सेना को छह उन्नत लड़ाकू अपाचे हेलीकॉप्टर प्राप्त हुए, जिससे हवाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
सेना द्वारा प्रयुक्त गोला-बारूद अब 91 प्रतिशत स्वदेशी है। ड्रोन और मानवरहित विमान प्रणालियों की संख्या में भी इजाफा हुआ, जिसमें करीब तीन हजार रिमोट-चालित विमान, 150 टेथर्ड ड्रोन तथा स्वार्म ड्रोन शामिल हैं।
नई तकनीकों के अपनाने में तेजी आई, जिसमें रणनीतिक बढ़त के लिए एज डेटा सेंटर स्थापित किए गए। युद्ध तैयारियों और आतंक-रोधी अभियानों की मजबूती के लिए सेना ने फ्रांस, अमेरिका, थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन तथा संयुक्त अरब अमीरात के साथ सैन्य अभ्यास आयोजित किए। सुरक्षित व विकसित भारत के संकल्प को मजबूत करने हेतु ‘चाणक्य रक्षा संवाद’ का भी सफल आयोजन किया गया।