प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुर कुमार दिसानायक के साथ टेलीफोन से बातचीत की, जिसमें उन्होंने श्रीलंका में आए चक्रवात दित्वाह से हुई जान-माल की भारी क्षति पर गहरी संवेदना प्रकट की। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इस कठिन समय में भारत श्रीलंका के लोगों के साथ मजबूती से खड़ा है और उसको पूरा समर्थन देता रहेगा।
राष्ट्रपति दिसानायक ने भारत की समय पर और प्रभावी सहायता के लिए हार्दिक आभार व्यक्त किया और राहत कार्यों में तेजी से सहायता पहुंचाने के समर्थन को सराहा। दोनों नेताओं ने संकट में फंसे लोगों की मदद के लिए भारत के ऑपरेशन सागर बंधु के तहत निरंतर सहयोग का विश्वास जताया। प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय दृष्टिकोण विज़न महासागर और प्रथम जवाबी कार्रवाई (फर्स्ट रिस्पॉन्डर) करने वाले के आधार पर श्रीलंका के पुनर्वास, सार्वजनिक सेवाओं को पुनः स्थापित करने और प्रभावित क्षेत्रों में आजीविका सुधारने के प्रयासों के लिए हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया।
इस बातचीत में दोनों नेताओं ने दोनो देशों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने तथा निकट संपर्क बनाए रखने पर भी सहमति व्यक्त की, जो कि क्षेत्रीय स्थिरता और विकास के लिए महत्वपूर्ण है। इस प्रकार, भारत और श्रीलंका ने आपदा प्रबंधन और विकास सहयोग में साझेदारी की प्रतिबद्धता को दोबारा पुष्ट किया।