झारखंड के पूर्व सीएम शिबू सोरेन का सोमवार की सुबह 8:56 बजे निधन हो गया। उनका लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। वे किडनी की बीमारी से पीड़ित थे। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। कई अन्य नेताओं ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है। शीबू सोरेन को एक बड़े आदिवासी नेता के रुप में जाना जाता है। लोग उन्हें गुरु जी के नाम से भी बुलाते हैं। जल, जंगल, जमीन हमारा है। हम जंगल-झाड़ में रहने वाले आदिवासी हैं। जब तक आदिवासी हितों की बात नहीं होगी, देश में विकास की बातें करनी बेमानी है। 1996 के लोकसभा में गुरु जी का यह बयान काफी चर्चा में रहा। लेकिन गुरु जी के इस बयान के पीछे उनका आंदोलन, जमीनी हकीकत और आदिवासियों पर हो रहे जुल्म की दास्तान थी। जब भी आदिवासी हितों की बात हुई, पूरे देश में गुरु जी का नाम सबसे अव्वल आया। यही कारण है कि आदिवासियों के बीच में वह दिशोम गुरु बने। दिशोम गुरु का मतलब देश अथवा विश्व का गुरु। यह नाम मिला धनबाद के टुंडी में महाजनों और सूदखोरों के खिलाफ चलाए गए धनकटनी आंदोलन में।
धनकटनी आंदोलन के बाद शिबू सोरेन को दिशोम गुरु की उपाधि मिली। आदिवासी समाज आज भी इन्हें अपने गुरु और देवता की तरह मानते हैं।
आदिवासियों को कहा- हक के लिए लड़ना सीखो
कहानी शुरू होती है अपने पिता सोबरन मांझी की हत्या के बाद साहूकारों ने कर दी थी। गुरु जी मात्र 13 वर्ष के थे। इसके बाद गुरु जी का आंदोलन शुरू हुआ। रामगढ़ गोला से निकल कर यह हर जगह फैला।हॉस्टल में पढ़ाई करने के दौरान शिबू सोरेन के पिता की हत्या कर दी गई. पिता की हत्या ने शिबू सोरेन को राजनीति की राह दिखाई. इसके बाद से ही उनके सामाजिक और राजनीतिक जीवन की शुरुआत हुई. शिबू सोरेन ने झारखंड अलग राज्य के लिए बड़ा आंदोलन चलाया और आदिवासियों को अपने हक और अधिकारों के लिए जागरूक किया. उन्होंने ना सिर्फ आदिवासियों के हक के लिए लड़ाई लड़ी, बल्कि वे हर झारखंडी का हित चाहते थे. इसी वजह से वे ना सिर्फ आदिवासियों के बल्कि गैर आदिवासियों के भी सर्वमान्य नेता बने । गुरुजी के काफी संघर्ष के बाद 1995 में झारखंड क्षेत्र स्वायत्तशासी परिषद का गठन हुआ, जो राज्य निर्माण के क्षेत्र में एक बड़ा कदम था. यह पहली बार था जब झारखंड के लोगों को उनकी प्रशासनिक व्यवस्था में अधिकार और भागीदारी दी गई थी.
कितनी संपत्ति है
7 करोड़ की संपत्ति, 2 करोड़ का कर्ज । चुनावी हलफनामे के मुताबिक, शिबू सोरेन के पास 7 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति थी, तो उन्होंने 2.24 करोड़ रुपये क के कर्ज के बारे में भी जानकारी शेयर की थी. चल संपत्ति का रिकॉर्ड देखें, तो PNB और SBI के उनके बैंक खातों में 1 करोड़ रुपये से ज्यादा डिपॉजिट था. पोस्टल सेविंग और NSS में 11 लाख रुपये जमा थे. इसके अलावा उनके पास 25,000 रुपये की एक इंश्योरेंस पॉलिसी भी थी. उन्होंने बताया था कि उनके नाम पर एक 25 लाख रुपये कीमत की क्वालिस कार भी थी. ज्वेलरी के नाम पर उनके पास कुछ भी नहीं था.