नायब सैनी ने पहली बार साल 2010 में अंबाला जिले के नारायणगढ़ से चुनाव लड़ा, लेकिन रामकिशन गुर्जर से हार गए. हालांकि बीजेपी की अंबाला इकाई में उन्हें ओबीसी चेहरे के रूप में पहचाना जाने लगा | आज राज्य के 20वें मुख्यमंत्री के रूप में नायब सिंह सैनी ने शपथ ली। हरियाणा में लगातार तीसरी बार बीजेपी की सरकार बनने के साथ-साथ नायब सिंह सैनी ने आज दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के अन्य शीर्ष नेता मौजूद रहे। राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. सीएम सैनी के साथ 13 विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली. शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मंच पर एनडीए की ताकत दिखी. अनिल विज समेत 13 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इस दौरान सैनी की कैबिनेट में जाति समीकरण का पूरा ख्याल रखा गया। इस अवसर पर पीएम मोदी, केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अमित शाह समेत बीजेपी और NDA के सहयोगी दलों के शासित राज्यों के मुख्यमंत्री मौजूद रहे। इस शपथ ग्रहण कार्यक्रम में हजारों लोग शामिल हुए।
पिछले 10 साल से सत्ता पर काबिज बीजेपी ने इस बार हरियाणा में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया. राज्य की 90 में से 48 सीटों पर अपना परचम लहराया. वहीं, कांग्रेस को 37 सीटों पर जीत मिली. इसके अलावा दो सीटें इंडियन नेशनल लोक दल के खाते में गई.
कौन हैं नायब सिंह सैनी ?
नायब सिंह सैनी की उम्र 54 साल है. उनका जन्म 25 जनवरी 1970 को अंबाला के पास मिजापुर माजरा के एक गांव में एक माली परिवार में हुआ था.वह मूल रूप से कुरुक्षेत्र के मंगोली जट्टान गांव के रहने वाले हैं. उनका परिवार काफी वक्त पहले अंबाला जिले के मिर्जापुर गांव में आकर बस गया था. उन्होंने लॉ में ग्रेजुएशन किया है. मेरठ की चौधरी चरण सिंह यूनिवर्सिटी से उन्होंने एलएलबी की डिग्री हासिल की. इससे पहले उन्होंने बीआर अंबेडकर बी. यूनिवर्सिटी, मुजफ्फरपुर से बीए किया था.