नई दिल्ली, May 27, (Political Insight) : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) को और मजबूत बनाने के लिए ‘सार्थक-पीडीएस’ योजना के विस्तार को मंजूरी दी गई। इस योजना के लिए केंद्र सरकार ने 25,530 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। यह योजना 31 मार्च 2031 तक लागू रहेगी।
सरकार ने बताया कि ‘सार्थक-पीडीएस’ योजना के तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को खाद्यान्न के परिवहन, भंडारण और राशन दुकानों तक पहुंचाने में आर्थिक सहायता दी जाएगी। साथ ही फेयर प्राइस शॉप (FPS) डीलरों के मार्जिन से जुड़े खर्चों में भी मदद मिलेगी। यह नई योजना पहले से चल रही दो योजनाओं को मिलाकर बनाई गई है। इनमें खाद्यान्नों की आवाजाही और राशन डीलरों को सहायता देने वाली योजना तथा स्मार्ट पीडीएस योजना शामिल हैं। इसका उद्देश्य राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) को और प्रभावी बनाना है।
केंद्र सरकार का कहना है कि योजना के जरिए राशन वितरण प्रणाली को तकनीक के माध्यम से और ज्यादा पारदर्शी तथा आसान बनाया जाएगा। इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), मशीन लर्निंग (ML), नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) और ब्लॉकचेन जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे राशन वितरण में गड़बड़ी और लीकेज को कम करने में मदद मिलेगी।
इस योजना के तहत रियल टाइम मॉनिटरिंग, शिकायत निवारण प्रणाली, डेटा आधारित निरीक्षण और आधुनिक डिजिटल सिस्टम तैयार किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि इससे गरीब और जरूरतमंद लोगों तक खाद्यान्न समय पर और सही तरीके से पहुंच सकेगा। केंद्र सरकार के अनुसार देश में लगभग 81.35 करोड़ लोग राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून के तहत लाभ प्राप्त कर रहे हैं। पिछले कुछ वर्षों में सरकार ने राशन कार्ड डिजिटलीकरण, आधार सीडिंग, ई-पीओएस मशीनों और ‘मेरा राशन’ जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए पीडीएस व्यवस्था में कई सुधार किए हैं।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने ‘सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में स्वचालन के साथ राशन परिवहन एवं हैंडलिंग सहायता योजना’ (SARTHAK PDS) को एक अम्ब्रेला योजना के रूप में जारी रखने को मंजूरी दी है।
इस योजना के तहत निम्न प्रमुख तत्व शामिल किए गए हैं:
🔹राज्यों के भीतर खाद्यान्नों की आवाजाही… pic.twitter.com/BMutCvCCZV
— पीआईबी हिंदी (@PIBHindi) May 27, 2026