कांग्रेस में बड़ा बदलाव तय! सिद्धारमैया दिल्ली, DK संभाल सकते हैं कर्नाटक की कमान

कांग्रेस में बड़ा बदलाव तय! सिद्धारमैया दिल्ली, DK संभाल सकते हैं कर्नाटक की कमान

नई दिल्ली, May 27, (Political Insight) : पांच राज्यों के चुनावों के बाद कर्नाटक कांग्रेस में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलें तेज हो गई हैं। राज्य की राजनीति में आने वाले दिनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। जानकारी के अनुसार, कांग्रेस हाईकमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया को सम्मानजनक तरीके से राष्ट्रीय राजनीति में भेजकर उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार को राज्य की कमान सौंपने की तैयारी में है।

जानकारी के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल और कर्नाटक प्रभारी रणदीप सुरजेवाला के साथ हाल ही में सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार की छह घंटे से अधिक लंबी बैठक हुई। इस बैठक में नेतृत्व परिवर्तन का मुद्दा प्रमुख रूप से उठा। वहीं, कि राहुल गांधी ने सिद्धारमैया से अलग से मुलाकात कर उन्हें पार्टी में राष्ट्रीय भूमिका निभाने का प्रस्ताव दिया। बताया जा रहा है कि उन्हें इस प्रस्ताव पर जवाब देने के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया है।

खबर है कि राहुल गांधी के साथ चर्चा के बाद सिद्धारमैया राज्य की सत्ता छोड़कर राज्यसभा के जरिए दिल्ली की राजनीति में जाने के लिए तैयार हो गए हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि राज्य मंत्रिमंडल और राज्यसभा के संभावित नामांकन में उनकी राय को महत्व दिया जाए।

जानकारी के अनुसार, कांग्रेस नेतृत्व ने पहले दोनों नेताओं से अलग-अलग बातचीत की और बाद में संयुक्त बैठक की। शुरुआत में सिद्धारमैया नेतृत्व परिवर्तन के पक्ष में नहीं थे, लेकिन बाद में राहुल गांधी उन्हें मनाने में सफल रहे। हालांकि, मंगलवार को हुई बैठक के बाद केसी वेणुगोपाल ने मीडिया के सामने नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि “जो भी बातें चल रही हैं, वे सिर्फ अटकलें हैं। बैठक में केवल कर्नाटक की राज्यसभा और विधान परिषद सीटों को लेकर चर्चा हुई थी।”

वहीं, कांग्रेस नेतृत्व ने सिद्धारमैया को भरोसा दिलाया है कि दिल्ली जाने की स्थिति में उनकी राजनीतिक प्रतिष्ठा और क्षेत्रीय हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा। पार्टी उन्हें राज्यसभा भेजने के साथ-साथ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) में अहम जिम्मेदारी देने पर भी विचार कर रही है। राजनीतिक गलियारों में इसे कांग्रेस द्वारा सिद्धारमैया को दिया जाने वाला सम्मानजनक राजनीतिक ट्रांजिशन माना जा रहा है। हालांकि बताया जा रहा है कि उन्होंने यह फैसला अनिच्छा के साथ स्वीकार किया है, लेकिन पार्टी नेतृत्व के आश्वासन के बाद वे इस पर सहमत हुए हैं।

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