पंजाब, May 22 (Political Insight) : पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने पंजाब के आगामी स्थानीय निकाय चुनावों में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) के स्थान पर बैलेट पेपर से चुनाव कराने को लेकर दायर जनहित याचिका को खारिज कर दिया है। चीफ जस्टिस शील नागू और जस्टिस संजीव बेरी की खंडपीठ ने नगर निकाय आम चुनाव 2026 से पहले यह फैसला सुनाया।
पंजाब में स्थानीय निकाय चुनाव 26 मई को होने वाले हैं, जबकि परिणाम 29 मई को घोषित किए जाएंगे।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि राज्य चुनाव आयोग ने बिना किसी वैधानिक संशोधन, विधायी मंजूरी या सार्वजनिक परामर्श के अचानक EVM-VVPAT प्रणाली को छोड़कर बैलेट पेपर से मतदान कराने का निर्णय लिया है। इसे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव की संवैधानिक भावना के खिलाफ बताते हुए संविधान के अनुच्छेद 14, 19(1)(a), 21 और 243 का उल्लंघन कहा गया।
याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट के कई फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि EVM के साथ VVPAT प्रणाली चुनावी गड़बड़ियों और हेरफेर के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सुरक्षा उपाय है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि बैलेट पेपर की ओर लौटने का निर्णय तकनीकी खराबी के आधार पर नहीं, बल्कि मनमाने ढंग से लिया गया प्रतीत होता है।
सुनवाई के दौरान पंजाब सरकार की ओर से एडवोकेट जनरल मनिंदरजीत सिंह बेदी ने दलील दी कि संविधान के तहत स्थानीय निकाय चुनाव कराने का अधिकार केवल राज्य चुनाव आयोग के पास है और इसमें किसी अन्य संस्था की भूमिका नहीं है। अंत में हाईकोर्ट ने सभी दलीलों को सुनने के बाद याचिका को खारिज कर दिया।