नववर्ष से पहले श्राइन बोर्ड सतर्क, कटरा में सुरक्षा इंतजाम होंगे और सख्त

नववर्ष से पहले श्राइन बोर्ड सतर्क, कटरा में सुरक्षा इंतजाम होंगे और सख्त

जम्मू/कटराः- नए साल और आगामी उत्सव काल के दौरान श्रीमाता वैष्णो देवी धाम में श्रद्धालुओं की भारी आगमन की संभावना को देखते हुए श्रीमाता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने मंगलवार को कटरा में एक विस्तृत उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक का उद्देश्य तीर्थयात्रियों की सुरक्षा, सुविधा, भीड़ प्रबंधन और आपात स्थितियों से निपटने के लिए किए गए समग्र प्रबंधों का आकलन करना और उन्हें और अधिक प्रभावी बनाना रहा।

यह समीक्षा बैठक उपराज्यपाल एवं श्राइन बोर्ड के चेयरमैन के निर्देशानुसार बुलाई गई, जिसकी अध्यक्षता श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सचिन कुमार वैश्य ने की। बैठक में श्राइन बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी, रियासी जिला प्रशासन, पुलिस, सीआरपीएफ, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज, स्वास्थ्य विभाग, आपदा प्रबंधन इकाइयों तथा अन्य संबंधित विभागों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

यात्रा प्रबंधन और भीड़ नियंत्रण पर विशेष फोकस

बैठक में सीईओ ने ट्रैक, भवन क्षेत्र और संवेदनशील स्थलों पर भीड़ प्रबंधन को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। आरएफआईडी-आधारित यात्रा पंजीकरण और एक्सेस कंट्रोल प्रणाली को सख्ती से लागू करने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि बिना वैध आरएफआईडी कार्ड के किसी भी श्रद्धालु को आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी जाए। किसी भी तकनीकी या मानवीय चूक से बचने के लिए सभी प्रमुख चेकपॉइंट्स पर अतिरिक्त हैंडहेल्ड आरएफआईडी स्कैनर, तकनीकी स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों की तैनाती के निर्देश दिए गए।

24×7 निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था

इस बैठक में सीईओ को जानकारी दी गई कि कटरा स्थित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी), एसजीसी में अधिकारियों और कर्मियों के लिए एक व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया है। इसके माध्यम से सीसीटीवी कैमरों के जरिए रियल-टाइम निगरानी, त्वरित प्रतिक्रिया, स्थितिजन्य जागरूकता और प्रभावी भीड़ नियंत्रण सुनिश्चित किया जा रहा है। भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों, ट्रैक, भवन परिसरों और प्रवेश-निकास बिंदुओं पर चौबीसों घंटे संयुक्त सर्विलांस जारी है।

अग्नि सुरक्षा और आपदा प्रबंधन तैयारियां

फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज विभाग को ट्रैक के साथ-साथ प्रमुख पड़ावों और भवन क्षेत्रों में अग्निशमन वाहनों की रणनीतिक तैनाती करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा, श्राइन क्षेत्र का व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट कर मौजूदा सुरक्षा प्रणालियों को और मजबूत करने को कहा गया। सीईओ ने सभी संबंधित एजेंसियों को मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) के सख्त पालन और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए उच्च स्तर की आपदा तैयारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सुरक्षा, सत्यापन और यातायात प्रबंधन

बैठक के दौरान सीईओ ने श्राइन क्षेत्र की पवित्रता और तीर्थयात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रैक पर कार्यरत निजी दुकानदारों, घोड़ा-खच्चर संचालकों, पालकी सेवाओं और अन्य सेवा प्रदाताओं में कार्यरत कर्मियों के पूर्ण सत्यापन पर जोर दिया। बाणगंगा क्षेत्र और ताराकोट मार्ग पर अनधिकृत पार्किंग से उत्पन्न यातायात जाम की समस्या के स्थायी समाधान के लिए जिला प्रशासन और पुलिस को ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए गए।

बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था

सुरक्षा एजेंसियों ने बैठक में जानकारी दी कि पुलिस, सीआरपीएफ और श्राइन बोर्ड की सुरक्षा इकाइयों को मिलाकर एक बहु-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल की तैनाती, नियमित गश्त, ड्रोन और तकनीकी निगरानी जैसे उपायों से यात्रा मार्ग और श्राइन क्षेत्र की सुरक्षा सुनिश्चित की जा रही है।

बैठक के समापन पर सीईओ ने सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने, रियल-टाइम सूचना साझा करने और यात्रियों की सुविधा एवं सुरक्षा से जुड़ी किसी भी समस्या का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, ताकि नए साल के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और श्रद्धापूर्ण यात्रा का अनुभव मिल सके।

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