यह कानून संसद ने नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए बनाया है। इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने आज लोकसभा में प्रश्नकाल के दौरान पूरक प्रश्नों के उत्तर में बताया कि नरेन्द्र मोदी की सरकार ने यह कानून इसलिए लाया क्योंकि पहले देश में नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा के लिए कोई विशेष व्यवस्था नहीं थी।
अश्विनी वैष्णव ने कहा कि अब डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (डीपीडीपी) अधिनियम से हर व्यक्ति के डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। यह अधिनियम पिछले महीने 13 तारीख को अधिसूचित हुआ है और इसने नागरिकों के डेटा की सुरक्षा के लिए नया नियम बनाया है। साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि अब एआई ऐप्स और मॉडल भी इस कानून के दायरे में आते हैं और उनको भी डेटा सुरक्षा के नियमों का पालन करना होगा।
ये नियम डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण (DPDP) अधिनियम, 2023 को लागू करने के लिए बनाए गए हैं, जो भारत की डिजिटल अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देते हुए नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं।
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