कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद शशि थरूर ने मंगलवार (2दिसंबर, 2025) को संचार साथी ऐप को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। थरूर ने कहा है कि “देश का हर व्यक्ति इस ऐप का उपयोग कर सकता है, इसे डाउनलोड कर सकता है। अगर उन्हें लगे कि इस ऐप की उन्हे जरूरत हैं तो और अगर उन्हें लगे कि हमें इस ऐप की जरूरत नहीं है तो उन्हें यह भी अधिकार होना चाहिए कि वे इस ऐप को डाउनलोड नहीं भी कर सकते हैं। उन्होने यह भी कहा कि “लोकतंत्र में किसी भी चीज़ को अनिवार्य बनाना परेशान करने वाला है।”
आपको बताते चले कि, भारत सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलिकम्युनिकेशन (डीओटी) ने सोमवार को स्मार्टफोन निर्माताओं को निर्देश दिया है कि वे मार्च 2026 से बेचे जाने वाले नए मोबाइल फोन में संचार साथी ऐप को प्री-इंस्टॉल करके रखें। डीओटी ने कहा है कि स्मार्टफोन निर्माता इस बात को सुनिश्चित करें कि ऐप को न तो डीएक्टिवेट किया जाए और न ही इस पर किसी तरह की पाबंदियां लगें। सरकार का कहना है कि यह कदम इसलिए उठाया गया है ताकि लोग चेक कर सकें कि उनका मोबाइल असली है या नकली, खोया फोन ब्लॉक कर सकें और मोबाइल नंबर के गलत इस्तेमाल की शिकायत कर सकें।
इस एप्लीकेशन का मुख्य काम साइबर सिक्योरिटी और फ्रॉड को रोकना है। यह टेलीकॉम यूजर्स को सिम के गलत इस्तेमाल, मोबाइल चोरी और डिजिटल स्कैम से बचाने के लिए बनाए गए देश भर के सिस्टम का एक हिस्सा है।
सरकार का ऐसा कहना है कि संचार साथी जासूसी के लिए नहीं बनाया गया है। यह आपके किसी भी प्राइवेट कंटेंट के निगरानी नहीं करता। इसका स्कोप टेलीकॉम आईडेंटिटी, डिवाइस वैलिडिटी और फ्रॉड से जुड़ी रिपोर्टिंग तक है। आपको बता दें कि यह एप्लीकेशन नॉन रिमूवेबल होगी।