नेपाल में Gen Z का शुरू किया गया आंदोलन अब महज कोई विरोध नहीं, बल्कि सत्ता परिवर्तन की दहलीज पर जा खड़ा हुआ है. आंदोलन हिंसक रूप ले चुका है, लाखों की संख्या में युवा सड़कों पर उतर आए हैं और सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन कर रहे हैं. Gen Z का ये विरोध केवल नारों और रैलियों तक सीमित नहीं रहा, संसद भवन, राष्ट्रपति आवास और पीएम आवास जैसे महत्वपूर्ण सरकारी ठिकानों पर प्रदर्शनकारियों ने हमला बोला और उनमें आगजनी कर दी.
बढ़ती हिंसा के बीच सेना मोर्चा संभाला है. वहीं काठमांडू में कर्फ्यू लागू किया गया है. सेना ने प्रेस रिलीज जारी कर कर्फ्यू के समय को जानकारी लेकर दी है. जिसमें शाम 5 बजे से अगले दिन सुबह 6 बजे तक कर्फ्यू लागू रहेगा। नेपाल में जारी हिंसा के बाद प्रदर्शनकारियों की धरपकड़ जारी है. काठमांडू सहित कई शहरों में धरपकड़ जारी है. नेपाली पुलिस और सेना ने धरपकड़ शुरू की है। आंदोलनकारिों ने घोषणा की है कि विरोध प्रदर्शनों के दौरान जान गंवाने वाले सभी लोगों को आधिकारिक शहीद का दर्जा दिया जाएगा। उनके परिवारों को राजकीय सम्मान, पहचान और सहायता दी जाएगी। इसकी सबसे प्रमुख मांगों में देश के संविधान में संशोधन या इसे नए तरीके से लिखा जाना शामिल है।
अब जब नेपाल में राजनीतिक संकट गहरा चुका है, ऐसे में सवाल उठ रहा है कि अब नेपाल में कमान कौन संभालेगा. इस प्रदर्शन के दौरान ने तीन ऐसे चेहरों को सामने ला दिया है, जिन्हें देश की अंतरिम सरकार के संभावित नेतृत्वकर्ता माना जा रहा है. पूर्व टीवी होस्ट और डिप्टी पीएम रवि लामिछाने, रैपर से मेयर बने बालेन शाह, और सामाजिक कार्यकर्ता सुदन गुरुंग, जिन्होंने सोशल मीडिया पर आंदोलन की चिंगारी भड़काई.